Bangladesh Hasina Supporters Protest: Dhaka Highway Block, Airport Blasts | Election Crisis | ढाका में हिंसा के बीच BGB की 12 टुकड़ियां तैनात: हसीना समर्थकों के प्रदर्शन का तीसरा दिन; हाईवे जाम किया

Actionpunjab
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ढाका10 मिनट पहले

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पिछले 3 दिन से जारी आगजनी और हिंसा की घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों ने ढाका समेत पांच जिलों में हाईवे जाम कर रखा है।

सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की 12 अतिरिक्त टुकड़ियां शहर में तैनात की हैं, जो लगातार गश्त कर रही हैं।

BGB मुख्यालय के मुताबिक राजधानी के प्रमुख इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती बढ़ाई गई है। यहां हाल के दिनों में वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं।

इससे पहले भी बांग्लादेश सरकार ढाका और आसपास के जिलों में BGB की 14 टुकड़ियां तैनात कर चुकी है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी तरह की अराजकता न फैले

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश 12 नवंबर, 2025 को ढाका में सुप्रीम कोर्ट के बाहर पहरा देते हुए।

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश 12 नवंबर, 2025 को ढाका में सुप्रीम कोर्ट के बाहर पहरा देते हुए।

हसीना समर्थकों ने प्रदर्शन तेज किए

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों के तेवर और तीखे हो गए हैं। उनकी मांग है कि पूर्व पीएम हसीना के खिलाफ झूठे मामले वापस लिए जाएं। साथ ही फरवरी में चुनाव की तारीख का ऐलान किया जाए। शुक्रवार को अवामी लीग के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ भी झड़पें हुईं।

शुक्रवार तड़के ढाका में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास दो बम विस्फोट हुए। इससे पहले 13 नवंबर को हसीना के खिलाफ फैसले की तारीख के ऐलान से पहले अवामी लीग ने विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन किए।

इसके जवाब में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता ढाका के कई इलाकों में सड़कों पर उतर आए और कुछ जगहों पर जुलूस भी निकाले।

इंटरनेशनल क्राइम्स कोर्ट (ICT) 17 नवंबर को हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में फैसला सुनाएगी। हसीना पर 2024 में छात्र आंदोलन में हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है।

गुरुवार को ढाका के कई इलाकों में लोगों ने हाथों में मशाल लेकर जुलूस निकाली।

गुरुवार को ढाका के कई इलाकों में लोगों ने हाथों में मशाल लेकर जुलूस निकाली।

जमात भी यूनुस सरकार के खिलाफ उतरी कट्‌टरपंथी जमात-ए-इस्लामी ने भी यूनुस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ढाका की बड़ी मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद जमात के नायब-ए-अमीर सैयद अब्दुल्ला ने कहा कि फरवरी में चुनाव और जनमत संग्रह (रेफरेंडम) एक साथ नहीं कराया जाए।

जनमत संग्रह के मुद्दे पर यूनुस सरकार को नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) का साथ मिल गया है। NCP के चीफ कोऑर्डिनेटर नसीरुद्दीन पटवारी ने शुक्रवार को कहा कि फरवरी में चुनाव के साथ जनमत संग्रह कराया जाना ठीक रहेगा।

बता दें कि NCP अगस्त 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए आंदोलन से उपजी छात्रों के एक धड़े की पार्टी है। NCP को यूनुस सरकार की जेबी पार्टी माना जाता है।

बांग्लादेश की 8 पार्टियां चुनाव से पहले जनमत संग्रह कराने की मांग कर रही है।

बांग्लादेश की 8 पार्टियां चुनाव से पहले जनमत संग्रह कराने की मांग कर रही है।

दूसरी तरफ पूर्व पीएम खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी भी मैदान में उतर आई है। पार्टी ने शुक्रवार को यूनुस सरकार पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए ढाका में बड़ी रैली की।

पार्टी के वरिष्ठ नेता शहाबुद्दीन ने कहा कि यूनुस सरकार चुनाव की बातें कर महिलाओं के मुद्दे से ध्यान भटका रही है।

हसीना बोली- मेरे खिलाफ चल रहा मुकदमा झूठा तमाशा है

हसीना ने पिछले साल के हिंसक विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों लोगों की हत्या और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हसीना ने BBC को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा झूठा तमाशा है।

उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी तानाशाही सरकार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों को निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 1,400 तक लोग मारे गए थे।

हसीना ने साफ इनकार किया कि उन्होंने कभी ऐसा आदेश नहीं दिया। कोर्ट में जुलाई 2024 का एक लीक ऑडियो सबूत पेश किया गया था, जिसमें हसीना हिंसा रोकने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की बात कर रही थी।

हिंसा-आगजनी के बाद हुए शेख हसीना का तख्तापलट

घटना की शुरुआत 5 अगस्त 2024 को हुई, जब बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया। इससे पहले और बाद में देशभर में भारी प्रदर्शन, आगजनी और हिंसा देखी गई।

सरकार पर आरोप लगे कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार कर टॉर्चर किया गया और फायरिंग की गई। हिंसा बढ़ने के बाद शेख हसीना ने देश छोड़कर भारत में शरण ली।

इसके बाद बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। उन्हें कोर्ट ने देश लौटकर केस में पेश होने का आदेश दिया, लेकिन उन्होंने यह आदेश नहीं माना।

ट्रिब्यूनल के सरकारी वकील गाजी मुनव्वर हुसैन तमीम ने कहा कि 13 नवंबर को सिर्फ फैसला सुनाने की तारीख बताई जाएगी, उस दिन सजा नहीं सुनाई जाएगी। आमतौर पर फैसला घोषित होने में करीब एक हफ्ता लगता है।

बांग्लादेश में चुनाव के दिन ही जनमत संग्रह होगा

बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) संसदीय चुनाव के दिन कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है।

जुलाई 2025 में, देश के राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों के बीच एक “जुलाई चार्टर” नाम का संविधान सुधार प्रस्ताव बना था। इसमें 4 अहम चीजें तय करने की कोशिश हुई थी।

  • भविष्य में चुनाव कैसे होंगे
  • सेना या न्यायपालिका की क्या भूमिका रहेगी
  • भ्रष्टाचार और मानवाधिकार से जुड़ी नई नीतियां कैसी होंगी
  • शेख हसीना पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे या नहीं

जिस पार्टी को जितने वोट, ​​​उसे ऊपरी सदन में उतनी सीटें

यूनुस ने गुरुवार दोपहर राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि जनमत संग्रह में जनता से जुलाई चार्टर को लागू करने के आदेश पर राय मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके चार अलग-अलग हिस्से होंगे।

यूनुस ने कहा कि राजनीतिक दलों की अलग-अलग मांगों के बीच संतुलन बनाने के लिए 100 सदस्यीय ऊपरी सदन का गठन प्रतिनिधित्व के आधार पर किया जाएगा। यानी जिस पार्टी को जितने वोट मिलेंगे, उसी अनुपात में उसे सीटें दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि जुलाई चार्टर को प्रोसेस में लाने की तैयारी अंतिम चरण में है और सरकारी राजपत्र (गजट) की अधिसूचना का इंतजार है। सरकार ने 3 नवंबर को चेतावनी दी थी कि सभी पार्टियों को एक सप्ताह के भीतर मतभेद सुलझाने होंगे, नहीं तो सरकार जरूरी कदम उठाएगी। लेकिन इसके बावजूद दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

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शेख हसीना के इंटरव्यू से बांग्लादेश नाराज: ढाका में भारतीय डिप्लोमैट तलब; हसीना ने कहा था- यूनुस सरकार कट्टरपंथियों के सहारे चल रही

बांग्लादेश ने पूर्व पीएम शेख हसीना के मीडिया इंटरव्यू पर नाराजगी जताई है। इंटरव्यू के कुछ ही घंटे बाद ने ढाका में भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर पवन बढे को तलब किया है। शेख हसीना ने बुधवार को PTI न्यूज एजेंसी को ईमेल इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने यूनुस सरकार पर कई आरोप लगाए। पूरी खबर पढ़ें…

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