मौलवी के सवालों का जवाब देती महिला सरबजीत और साथ में पाकिस्तान युवक नासिर हुसैन।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने पाकिस्तान जाने वाली अकेली महिला तीर्थयात्रियों के वीजा आवेदन पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। यह फैसला उस मामले के बाद लिया गया है, जिसमें पंजाब की सरबजीत कौर पाकिस्तान गई और वापस नहीं लौटीं। इतना ही नहीं, उसने
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SGPC के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि सरबजीत कौर के मामले की समय रहते ठीक तरह से जांच हो जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि मीडिया में सामने आई जानकारियों, जैसे नाम बदलना और शादी करना, से स्पष्ट है कि सरबजीत पहले से पाकिस्तान में किसी संपर्क में थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि संबंधित जांच एजेंसियां क्या कर रही थीं और कैसे यह गतिविधि उनके संज्ञान में नहीं आई।
प्रताप सिंह ने सरबजीत कौर के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि SGPC अब अकेली महिला के पाकिस्तान वीजा आवेदन पर और अधिक सख्ती बरतेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में SGPC पाकिस्तान के लिए किसी भी अकेली महिला की वीजा अर्जी को आगे नहीं बढ़ाएगा।

पाकिस्तान गई सरबजीत कौर का फाइल फोटो।
1932 श्रद्धालुओं के साथ गई थी पाकिस्तान
सरबजीत कौर 1,932 श्रद्धालुओं के साथ 4 नवंबर को अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान गई थीं, लेकिन वापसी जत्थे में शामिल नहीं थीं। जांच के दौरान उनके इमिग्रेशन फॉर्म में राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर खाली मिलने से संदेह बढ़ गया था। इसी आधार पर भारतीय एजेंसियों ने पाकिस्तान के अधिकारियों से संपर्क कर जांच शुरू की। अब सामने आई जानकारी के अनुसार सरबजीत ने पाकिस्तान में निकाह कर लिया है।
पाकिस्तान गुरुद्वारा कमेटी ने भी उठाए थे सवाल
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने भी सवाल उठाया था कि एसजीपीसी को नए नियम बनाने चाहिए। जिसमें महिलाओं को अकेले पाकिस्तान यात्रा पर आने की अनुमति ना दी जाए। इसके बाद भी एसजीपीसी नियम बदलने पर मजबूर हुई है।
2018 में ऐसा मामला आया था सामने
यह पहला मामला नहीं है, साल 2018 में होशियारपुर की किरण बाला सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थी। वहां जाकर उसने धर्म परिवर्तन करके मुसलमान मोहम्मद आजम से निकाह कर लिया। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार किरण ने बताया था कि उसके पति की मौत हुई और उसके कोई बच्चे नहीं था। किरण पर भी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज थे।