Katni Land Scam Row: BJP MLA Sanjay Pathak Accused of Illegally Acquiring 1,135 Acres; Tribal Groups Protest at Collectorate katni-land-scam-bjp-mla-sanjay-pathak-1135-acre-tribal-protest | भाजपा विधायक पर 1135 एकड़ जमीन घोटाले का आरोप: आदिवासी संगठन बोले- संजय पाठक ने चार कर्मचारियों के नाम जमीनें खरीदी; चारों लापता, जान को खतरा – Katni News

Actionpunjab
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कलेक्ट्रेट के गेट पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।

कटनी के विजय राघवगढ़ से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय सत्येंद्र पाठक पर 1135 एकड़ जमीन खरीदी घोटाले के आरोप लगे हैं। ये आरोप आदिवासी कांग्रेस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत आदिवासी संगठनों ने लगाए हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी कार्यकर्ताओं

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प्रदर्शनकारियों ने सरकार और भाजपा विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई।

डिंडौरी जिले में खरीदी गई जमीन प्रदर्शन करने पहुंचे दिव्यांशु मिश्रा ने बताया कि ये विरोध आदिवासी जमीन घोटाले के मामले में भाजपा विधायक पर कार्रवाई की मांग को लेकर किया है। मिश्रा का आरोप है कि विधायक ने अपने चार कर्मचारियों– नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौड़, और रघुराज सिंह गौड़ के नाम पर डिंडौरी जिले में करीब 1135 एकड़ जमीन खरीदी है।​

दिल्ली से आदिवासी आयोग ने संबंधित कलेक्टर्स से जमीनों के बारे में जानकारी मांगी है। आयोग ने कहा कि इन आदिवासियों के नाम पर जमीन कैसे और कब आई? कलेक्टर्स ने आज तक इसका जवाब नहीं दिया।

जान को खतरा बताया, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की ​शिकायतकर्ता दिव्यांशु मिश्रा का आरोप है कि ये चारों आदिवासी, विधायक संजय पाठक के कर्मचारी हैं। शिकायत होने के बाद से वे अपने घर से लापता हैं। उन्होंने कटनी एसपी को लिखित शिकायत देते हुए उनकी जान को खतरा बताया था, लेकिन आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

प्रदर्शन और पुलिस से झड़प की 5 तस्वीरें…

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। बड़ी संख्या में जवान तैनात थे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। बड़ी संख्या में जवान तैनात थे।

प्रदर्शनकारी सरकार और भाजपा विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।

प्रदर्शनकारी सरकार और भाजपा विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।

प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचते उससे पहले ही पुलिस ने गेट बंद कर दिया और उनको रोक दिया।

प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचते उससे पहले ही पुलिस ने गेट बंद कर दिया और उनको रोक दिया।

कलेक्ट्रेट के गेट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस दौरान झड़प भी हुई।

कलेक्ट्रेट के गेट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। इस दौरान झड़प भी हुई।

प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर गेट के पास पहुंचे और चढ़कर गेट की दूसरी तरफ कूद गए।

प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर गेट के पास पहुंचे और चढ़कर गेट की दूसरी तरफ कूद गए।

पुलिस ने पीड़ितों के बयान तक नहीं लिए एक अन्य आदिवासी कार्यकर्ता ने बताया कि कटनी कलेक्टर के समक्ष दिनांक 29 सितंबर को दस्तावेज के साथ शिकायत की गई थी। हालांकि, जिला प्रशासन ने आज तक पीड़ित चारों आदिवासी नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौड़ और रघुराज सिंह गौड़ के बयान दर्ज नहीं किए।

आदिवासियों के बैंक खातों की डिटेल भी नहीं ली शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिला प्रशासन और जांच अधिकारी ने इन चारों आदिवासियों के बैंक खातों से पिछले 25 वर्षों में किए गए लेन-देन की जानकारी एकत्रित नहीं की। पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत 09 जून को की गई थी। शिकायतकर्ता दिव्यांशु मिश्रा के बयान 20 जून को लिए जा चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कलेक्टर को सौंपे गए मांग पत्र के माध्यम से सभी मांगों पर कार्रवाई की मांग की है। इसमें चारों आदिवासियों के पिछले 25 वर्षों के बैंक खातों के लेन-देन की जानकारी एकत्रित करने और उनके बयान दर्ज कराने की मांग शामिल है।

कटनी कलेक्टर बोले- जानकारी एकत्रित की जा रही आदिवासी आयोग ने 15 सितंबर को नोटिस जारी कर कटनी कलेक्टर, जबलपुर कलेक्टर, डिंडौरी कलेक्टर, उमरिया कलेक्टर, सिवनी कलेक्टर से जवाब मांगा था।

इस मामले में कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि जानकारी एकत्रित की जा रही है और जल्द ही आदिवासी आयोग को जवाब पेश किया जाएगा। वहीं, उमरिया कलेक्टर धर्णेंद्र कुमार जैन ने बताया कि नोटिस का जबाब भेज दिया गया है। अभी मैं छुट्टी में हूं।

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