- Hindi News
- International
- Pakistan To Build Artificial Island For Deep Sea Oil Exploration; PPL Leads Project | Arabian Sea
इस्लामाबाद1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

(तस्वीर प्रतीकात्मक है।)
पाकिस्तान पहली समंदर में आर्टिफिशियल आइलैंड (कृत्रिम द्वीप) बनाने जा रहा है। शहबाज सरकार ने अरब सागर में इस आइलैंड को बनाने की मंजूरी दे दी है।
इसे समुद्र में तेल की खोज (ऑयल एक्सप्लोरेशन) के लिए स्थायी प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (PPL) लीड करेगी।
पाकिस्तान ने यह फैसला ट्रम्प का समर्थन मिलने के बाद किया है। ट्रम्प ने जुलाई में ऐलान किया था कि अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर पाकिस्तान के बड़े तेल भंडार विकसित करेंगे। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर ये तेल मिला, तो भारत भी इसे खरीद सकता है।
अब पाकिस्तान इस आर्टिफिशियल आइलैंड की मदद से अरब सागर में 25 तेल-कुएं खोदने की योजना बना रहा है।

जल्द ही इस आर्टिफिशियल आइलैंड के लिए इंजीनियरिंग टेंडर पूरे किए जाएंगे। (फाइल फोटो)
सिंध के तट से 30 किमी दूर बनेगा आइलैंड
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह आर्टिफिशियल आइलैंड सिंध के तट से करीब 30 किमी दूर, सुजावल इलाके के पास बनाया जा रहा है। सुजावल कराची से लगभग 130 किमी दूर है।
आइलैंड को समुद्र की ऊंची लहरों से बचाने के लिए 6 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है। पहले समुद्री लहरों की वजह से जिन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट्स में रुकावटें आई थीं, उन्हें दूर किया जा सकेगा। आइलैंड के फरवरी तक तैयार होने की उम्मीद है।
Mettis Global के मुताबिक, भारी मशीनरी और सप्लाई को एक स्थिर प्लेटफॉर्म से संचालित करने से खर्च में लगभग 33% तक कमी हो सकती है। पहले मौसम के कारण बार-बार देरी होती थी, जिससे लागत बढ़ जाती थी। PPL के मुताबिक यहां 24 घंटे ड्रिलिंग चल सकेगी।
पिछले साल पाकिस्तान में तेल भंडार मिला
पाकिस्तान की समुद्री सीमा में पिछले साल सितंबर में तेल और गैस का एक बड़ा भंडार मिला था। डॉन की रिपोर्ट मुताबिक, पाकिस्तान ने इस इलाके में एक सहयोगी देश के साथ मिलकर 3 साल तक सर्वे किया था। इसके बाद यहां तेल और गैस रिजर्व की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भंदुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस का भंडार हो सकता है। फिलहाल वेनेजुएला में तेल का सबसे बड़ा रिजर्व है, जहां 34 लाख बैरल तेल है। वहीं, अमेरिका के पास सबसे शुद्ध तेल का भंडार है, जिसे अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया।

पाकिस्तान अगर तेल और गैस को निकालने में कामयाब हो गया तो यह उसकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगा।
तेल या गैस को निकालने में लगेंगे 4-5 साल
रिपोर्ट के मुताबिक, भंडार से जुड़ी रिसर्च पूरी करने में करीब 42 हजार करोड़ का खर्च आएगा। इसके बाद समुद्र की गहराई से इसे निकालने में 4-5 साल लग सकते हैं। अगर रिसर्च सफल रही तो तेल और गैस को निकालने के लिए कुएं लगाने और बाकी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में और ज्यादा पैसे की जरूरत होगी।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने तेल और गैस भंडार मिलने को देश की ‘ब्लू वाटर इकोनॉमी’ के लिए अच्छा बताया है। समुद्री रास्तों, नए बंदरगाहों और सामुद्रिक नीति (मैरीटाइम पॉलिसी) के जरिए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना ही ब्लू इकोनॉमी कहलाता है।
80% तेल आयात करता है पाकिस्तान
पाकिस्तान विश्व में कच्चे तेल के भंडार में 50वें स्थान पर है। उसे 80% से ज्यादा तेल आयात करना पड़ता है।
उसकी रोजाना तेल उत्पादन क्षमता भारत के मुकाबले लगभग एक-तिहाई है। 2019 में कराची के पास ‘केकरा-1’ नाम का ड्रिलिंग प्रोजेक्ट असफल रहा था और इसके बाद एक्सॉन मोबिल जैसी दिग्गज कंपनियां पाकिस्तान से निकल गईं।