G20 Summit Approves South Africa Declaration Unanimously; Trump Boycotts Event | US Skips Sessions | अमेरिका के बायकॉट के बावजूद G20 घोषणापत्र मंजूर: साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति ने ट्रम्प की मांग नहीं मानी, आज खाली कुर्सी को सौपेंगे मेजबानी

Actionpunjab
4 Min Read


  • Hindi News
  • International
  • G20 Summit Approves South Africa Declaration Unanimously; Trump Boycotts Event | US Skips Sessions

जोहान्सबर्ग31 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
पीएम मोदी ने G20 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा से मुलाकात की। - Dainik Bhaskar

पीएम मोदी ने G20 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा से मुलाकात की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बायकॉट के बावजूद G20 समिट के पहले दिन सदस्य देशों ने साउथ अफ्रीका के बनाए घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया।

साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने बताया कि सभी देशों का अंतिम बयान पर सहमत होना बेहद जरूरी था, भले ही अमेरिका इसमें शामिल नहीं हुआ।

ट्रम्प ने आखिरी सेशन में मेजबानी लेने के लिए एक अमेरिकी अधिकारी को भेजने की बात कही थी। रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी अध्यक्षता ने अमेरिकी अधिकारी को मेजबानी सौंपने के प्रस्ताव को नकार दिया।

अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा आज G20 की अगली अध्यक्षता ‘खाली कुर्सी’ को सौंपेंगे। दरअसल, G20 समिट की 2026 की मेजबानी अमेरिका को मिलनी है। हालांकि ट्रम्प के बायकॉट के चलते अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि समिट में शामिल नहीं हुआ।

G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स शामिल हुए।

G20 समिट के फैमिली फोटो सेशन में वर्ल्ड लीडर्स शामिल हुए।

मोदी बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल को बदलना जरूरी

पीएम मोदी ने G20 समिट के पहले दो सत्रों को संबोधित किया। पहले सेशन में उन्होंने वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया दुनिया के सामने रखा।

मोदी ने पुराने डेवलपमेंट मॉडल के मानकों पर दोबारा सोचने की अपील की। उन्होंने कहा- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी है।

वहीं समिट के दूसरे सत्र में पीएम ने भारत के श्री अन्न (मोटा अनाज), जलवायु परिवर्तन, G20 सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन पर बात की।

G7 देशों ने ही G20 बनाया

G20 को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के ग्रुप G7 के विस्तार के रूप में देखा जाता है। G7 में फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा हैं।

1997-98 में एशिया के कई देश (थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोरिया आदि) आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे। उस समय सिर्फ G7 (7 अमीर देश) फैसले लेते थे, लेकिन संकट एशिया में था।

G7 ने महसूस किया कि अब सिर्फ 7 देश मिलकर दुनिया नहीं चला सकते, बल्कि भारत, चीन, ब्राजील जैसे विकासशील देशों को भी शामिल करना पड़ेगा। इन देशों ने 1999 में G20 बनाया।

शुरू में यह सिर्फ वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों का फोरम था। फिर 2008 में फैसला लिया गया कि सिर्फ वित्त मंत्री नहीं, देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी इसमें शामिल होंगे।

नवंबर 2008 में वॉशिंगटन में पहली लीडर्स समिट हुई। इसके बाद हर साल यह समिट की जाती है।

G20 समिट 2023 का आयोजन भारत में हुआ था

——————————————

ये खबर भी पढ़ें….

G20 समिट में मेलोनी से मिले मोदी:ब्राजीली राष्ट्रपति डि-सिल्वा को गले लगाया; बोले- पुराने डेवलपमेंट मॉडल ने रिसोर्स छीने, इसे बदलना जरूरी

पीएम मोदी ने जोहान्सबर्ग में शनिवार को G20 समिट में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान ब्राजीली राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा को उन्होंने गले लगा लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *