महिला व युवती को हिरासत में लेकर जाती पुलिस।
करनाल के जिला नागरिक अस्पताल ट्रामा सेंटर में गुरुवार की शाम उस समय हंगामा हो गया, जब बाहर निकलते ही एक युवती पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए रोती-बिलखती नजर आई। उसका आरोप था कि उसने 20 दिन पहले शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने न सुनवाई की और न कार्रवाई।
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उल्टा उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने युवती को पकड़कर गाड़ी में बिठाया और वहां से रवाना हो गई। वहीं पुलिस की ओर से कहा गया कि दोनों मां-बेटी पुलिस कर्मचारियों के साथ बदतमीजी कर रही थीं, इसलिए कार्रवाई की गई।

युवती व महिला को गाड़ी में बैठाकर लेकर जाती पुलिस।
कौन हैं सोनम और बिंदू, और क्या है विवाद
पुलिस के अनुसार, युवती का नाम सोनम गुप्ता और उसकी मां का नाम बिंदू गुप्ता है। ये दोनों तरावड़ी के वार्ड-9 की निवासी हैं। पुलिस जानकारी के मुताबिक मां-बेटी ने किराये को लेकर किसी विवाद में शिकायत दर्ज करवाई हुई थी, जिस पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही थी। गुरुवार दोपहर दोनों तरावड़ी थाना पहुंची थीं, जहां महिला कक्ष में मौजूद स्टाफ से झगड़ा हो गया।
महिला पुलिसकर्मियों से बदतमीजी का आरोप, मुकदमा दर्ज
मुख्य सिपाही दीपा ने शिकायत में कहा कि वह और उनकी साथी हवलदार मोनिका महिला कक्ष में सरकारी कार्य में व्यस्त थीं। इसी दौरान बिंदू गुप्ता और सोनम गुप्ता ऊंची आवाज में कमरे में घुसीं और बदतमीजी शुरू कर दी। दोनों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे लगातार गाली-गलौच करती रहीं और सरकारी काम में बाधा पहुंचाती रहीं। दीपा के अनुसार दोनों आरोप लगा रही थीं कि उनकी शिकायत पर एकतरफा कार्रवाई हुई है।

युवती को अपने साथ गाड़ी में लेकर जाती पुलिस।
मां-बेटी ने की हाथापाई
दीपा ने आरोप लगाया कि मां-बेटी ने उनके साथ हाथापाई भी की, नाजायज मारपीट की और भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपिया को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, गाली-गलौच और हाथापाई जैसे आरोपों पर मामला दर्ज किया गया है।
ट्रॉमा सेंटर से बाहर आते ही सोनम के आरोप, पुलिस का जवाब
गुरुवार देर शाम पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए करनाल ट्रॉमा सेंटर लाई थी। मेडिकल होने के बाद बाहर निकलते ही सोनम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। वह जोर-जोर से बोलती हुई आरोप लगाती रही कि 20 दिन से शिकायत की हुई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा उनके ऊपर ही केस दर्ज कर दिया गया है। इस दौरान पुलिसकर्मी ने उसे पकड़कर गाड़ी में बैठाया और आगे ले जाया गया।
तरावड़ी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि मां-बेटी महिला पुलिसकर्मियों से बदतमीजी कर रही थीं और गाली-गलौच भी कर रही थीं। इसी कारण कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।