जयपुर शहर में आबादी वाले इलाकों के पास लेपर्ड दिखने की बढ़ती घटनाओं के बीच गुरुवार शाम झालाना क्षेत्र से चौंकाने वाला वीडियो सामने आया। झालना लेपर्ड रिजर्व के शिव मंदिर मार्ग पर मादा लेपर्ड फ्लोरा ने मादा चीतल का खुले में लाइव शिकार किया। लेपर्ड फ्लो
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यह घटना उस समय हुई, जब कई पर्यटक वाइल्ड लाइफ सफारी के लिए रास्ते पर मौजूद थे। जैसे ही लेपर्ड ने चीतल पर धावा बोला, पर्यटकों ने अपनी आंखों के सामने पूरा घटनाक्रम देखा।
मादा लेपर्ड फ्लोरा के ढाई से तीन महीने उम्र के तीन शावक हैं।

झालाना में मादा लेपर्ड फ्लोर ने पर्यटकों के सामने किया शिकार।
रास्ते के दोनों ओर खड़े थे पर्यटकों के वाहन झालाना लेपर्ड सफारी क्षेत्र में यह नजारा देखकर पर्यटकों के रोंगटे खड़े हो गए। शिव मंदिर मार्ग पर मादा लेपर्ड फ्लोर ने सबके सामने मादा चीतल का शिकार किया। घटनाक्रम के समय रास्ते के दोनों ओर पर्यटकों के वाहन खड़े थे। सभी पर्यटक करीब से इस रोमांचक और खतरनाक पल के गवाह बने।

फ्लोरा ने शिकार कर चीतल के साथ 8 फीट ऊंची दीवार पर लगाई छलांग।
करीब 60-70 किलो वजनी चीतल को एक ही छलांग में 8 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ा ले गई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चीतल को काबू करने के बाद फ्लोरा ने अद्भुत फुर्ती और ताकत का प्रदर्शन किया। करीब 60-70 किलो वजनी चीतल को वह एक ही छलांग में 8 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ाकर ले गई। इसे 30 सेकेंड में ही फ्लोरा ने मौत के घाट उतार दिया। यह देखकर लोग हैरान रह गए। चीतल ने पूरी तरह दम भी नहीं तोड़ा था कि फ्लोरा ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर शिकार पूरा किया।

लेपर्ड फ्लोरा 30 सेकेंड में चीतल को मारकर अपने शावकों के भोजन का इंतजाम किया।
ढाई से तीन महीने के तीन शावकों के कारण ज्यादा कर रही शिकार पिछले दो सप्ताह में यह तीसरी बार है, जब फ्लोरा को लाइव शिकार करते देखा गया है। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के अनुसार फ्लोरा हाल ही ज्यादा सक्रिय हो रही है। उसके ढाई से तीन महीने उम्र के तीन शावक हैं। शावकों की सुरक्षा और भोजन की जरूरतों के चलते फ्लोरा लगातार शिकार कर रही है। यही कारण है कि फ्लोरा दिनों-दिन ज्यादा साहसी होती दिखाई दे रही है।
रेंज अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही रेंज अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम लगातार फ्लोरा और उसके शावकों की मूवमेंट मॉनिटर कर रही है, ताकि भीड़भाड़ वाले मंदिर मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके। साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके।

फ्लोरा मछली : जो सबसे बड़ी मां है फ्लोरा नाम की मादा लेपर्ड झालाना के जंगलों में सबसे बड़ी मां के रूप में जानी जाती है, क्योंकि इन्हीं जंगलों में वो चार पीढ़ियों को जन्म दे चुकी है। उसे झालाना की मछली भी कहा जाता है, क्योंकि रणथंभौर के बाघों में सबसे बड़ी मां का नाम मछली ही था।
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