वंदे सरदार एकता पदयात्रा में भाग लेते लोग।
नूंह में वंदे सरदार एकता पदयात्रा के तीसरे दिन शनिवार को मालब स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से यात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे किया गया। तीसरे दिन की यात्रा में जम्मू–कश्मीर की महिला सामाजिक कार्यकर्ता राशिदा मीर और हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी आज
.
मीरा बोली मेवात वीरों और बलिदानों की धरती
पूरे मार्ग में पदयात्रा को सभी गांवों में भारी जनसमर्थन,उत्साहपूर्ण स्वागत और भव्य व्यवस्था देखने को मिली। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने यात्रा का माल्यार्पण, पुष्पवृष्टि व जयघोष के साथ स्वागत कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। मुख्य अतिथि राशिदा मीर ने कहा कि “मेवात वीरों और बलिदानों की धरती है। मेवाती वीरों के त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता। चाहे 1857 की क्रांति हो, देश की आज़ादी की लड़ाई हो या मुगल काल के संघर्ष — मेवातियों ने सदैव देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया है। 12000 से अधिक मेवाती सैनिकों का बलिदान इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।

वंदे सरदार एकता पदयात्रा में भाग लेते लोग।
एकता व सद्भाव का संदेश दे रही यात्रा
पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद ने कहा कि मेवात में वंदे सरदार एकता पदयात्रा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। लोग बढ़-चढ़कर जुड़ रहे हैं, अपने गांवों में यात्रा का स्वागत कर रहे हैं और एकता व सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। यह यात्रा मेवात में भाईचारे, राष्ट्रभक्ति और समरसता की मिसाल बनेगी। यात्रा के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख नदीम खान ने कहा कि “वंदे सरदार एकता पदयात्रा मेवात में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल लेकर आई है। युवाओं के लिए ये पदयात्रा वरदान साबित होंगी।