मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस टीम
मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में सोमवार की देर रात पुलिस की इनामी बदमाश बंदर से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। हाथरस का रहने वाले इस शूटर ने जुलाई में
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एक्सप्रेस वे के पास हुई मुठभेड़
थाना बलदेव पुलिस हत्या के मामले में फरार चल रहे शूटर पवन उर्फ यशवीर उर्फ बंदर की तलाश में जुटी थी। सोमवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बंदर यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन 140 के पास बने अंडर पास पर मौजूद है। सूचना मिलते ही बलदेव थाना प्रभारी रंजना सचान SOG टीम के साथ मौके पर पहुंच गई। जहां पुलिस को देखते ही पवन उर्फ बंदर ने फायरिंग कर दी।

इनामी शूटर पवन ने पुलिस पर फायरिंग कर दी
आरोपी हुआ घायल
बंदर के द्वारा की गई फायरिंग से बचते हुए पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसमें पुलिस की गोली पवन के पैर में लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल हुए आरोपी पवन को गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से तमंचा,5 कारतूस और एक बोलेरो पिकअप गाड़ी बरामद की। पवन उर्फ बंदर की गिरफ्तारी पर SSP ने 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था।

जवाबी फायरिंग में घायल शूटर पवन
30 जुलाई को मारी थी बुजुर्ग को गोली
पवन ने 30 जुलाई को थाना बलदेव क्षेत्र के गांव कांचनाऊ के रहने वाले 85 वर्षीय बुजुर्ग रघुवीर सिंह को उनके बेटे विनोद के साथ मिलकर गोली मार दी थी। इस मामले में विनोद ने पुलिस को गुमराह करते हुए दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराया था। बुजुर्ग को इलाज के लिए आगरा में भर्ती कराया जहां 3 अगस्त को उनकी मृत्यु हो गई थी।

पवन ने 30 जुलाई को रघुवीर में उनके बेटे के साथ मिलकर गोली मारी थी,यह तस्वीर विनोद की है
कर्ज चुकाने के लिए रची थी साजिश
रघुवीर सिंह की हत्या किए जाने के मामले की जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वारदात को अंजाम उनके बेटे विनोद ने बेटी के प्रेमी के साथ मिलकर दिया। विनोद पर दस लाख का कर्जा था। इसको चुकाने के लिए उसने बेटी के प्रेमी पवन के साथ योजना बनाई। हाथरस का रहने वाला पवन 30 जुलाई को गांव के रास्ते पर आ गया। जहां विनोद अपने पिता रघुवीर सिंह को अस्पताल में भर्ती भाई को दिखाने के बहाने मोपेड पर बिठा कर ले गया। इसी दौरान पवन ने रघुवीर सिंह के गोली मार दी। विनोद ने पुलिस को बताया था कि वह पिता की मृत्यु के बाद खेत को बेचकर कर्जा चुकाना चाहता था। पुलिस ने विनोद और उसकी बेटी प्रीति को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।