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गले में जंजीर डालकर प्रदर्शन करते लोग
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गले में जंजीरें डालकर एक बड़ा विरोध मार्च और धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अमृतपाल सिंह की पैरोल रद्द करने के फैसले का विरोध किया। इस दौरान डीसी को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें भारत के राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और पंजाब के राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप और न्याय की मांग की गई।
सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा दो साल से अधिक समय से डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन्हें न तो रिहा किया जा रहा है और न ही संसद में एक सांसद के तौर पर बोलने की अनुमति दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाकर उन्हें पंजाब से बाहर भेजा गया।
इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कथित तौर पर राजनीतिक बदले की भावना से लगातार तीन बार NSA की अवधि बढ़ाई। उनका कहना है कि अमृतपाल के बाहर आने से पंजाब का माहौल खराब हो जाएगा, यह सरकार की ऐसी मानसिकता दर्शाता है जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना चाहती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पंजाब सरकार ने दिल्ली संसद में बोलने के लिए दायर की गई उनकी पैरोल याचिका को भी यह कहकर खारिज करवा दिया कि अगर अमृतपाल जेल से बाहर आए तो पंजाब का माहौल खराब हो जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए बापू तरसेम सिंह ने कहा कि एक चुने हुए प्रतिनिधि को संसद में बोलने की अनुमति न देना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का विरोध मार्च और धरना पंजाब सरकार को यह बताने के लिए है कि लोगों की आवाज को न तो दबाया जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है।