Pakistan UK Sex Grooming Gang Members | Adil Raja | पाकिस्तान 2 यौन अपराधियों को ब्रिटेन से बुलाने को तैयार: ये 47 नाबालिग लड़कियों के शोषण में शामिल, 2 राजनीतिक विरोधी भी सौंपने की शर्त

Actionpunjab
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लंदन6 मिनट पहले

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पाकिस्तान के ये यौन अपराधी ग्रूमिंग गैंग से जुड़े थे, जो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करती है। - Dainik Bhaskar

पाकिस्तान के ये यौन अपराधी ग्रूमिंग गैंग से जुड़े थे, जो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करती है।

पाकिस्तान ने ब्रिटेन से अपने देश के यौन अपराधियों को वापस लेने के लिए तैयार है, बशर्ते ब्रिटेन को पाकिस्तान के दो प्रमुख राजनीतिक विरोधियों को भी सौंपना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान जिन अपराधियों को वापस लेने की बात कर रहा है, वे 47 नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने वाली रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के दोषी कारी अब्दुल रऊफ और आदिल खान हैं।

वहीं पाकिस्तान जिन दो राजनीतिक विरोधियों को वापस सौंपने की मांग कर रहा है उनके नाम शहजाद अकबर और आदिल राजा है। दोनों कई साल से ब्रिटेन में रह रहे हैं। ये इमरान खान समर्थक माने जाते हैं और पाकिस्तान की मौजूदा सरकार पर लगातार सवाल उठाते हैं।

शहजाद अकबर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी और एंटी करप्शन मामलों के एक्सपर्ट है। जबकि आदिल राजा पाकिस्तान सेना में मेजर थे, वे अब यूट्यूब पर सेना के खिलाफ बोलते हैं।

लड़कियों को ड्रग्स देकर फंसाते थे पाकिस्तानी अपराधी

ग्रूमिंग गैंग के मेंबर अब्दुल रऊफ और आदिल खान नाबालिग लड़कियों को मुफ्त खाना, शराब, सिगरेट और ड्रग्स देकर फंसाते थे। फिर इन लड़कियों के साथ मार-पीट और जबरदस्ती रेप करते थे। ये पूरा मामला 2008 से 2010 तक चला।

2012 में कोर्ट ने आदिल खान ने एक 13 साल की लड़की को प्रेग्नेंट करने और एक 15 साल की लड़की को बेचने (ट्रैफिकिंग) का दोषी पाया था। वहीं, अब्दुल रऊफ 15 साल की लड़की के साथ बार-बार यौन शोषण का दोषी ठहराया गया था।

आदिल खान को 8 साल और अब्दुल रऊफ को 6 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। दोनों ने आधी से भी कम सजा काटी और जल्दी रिहा हो गए।

रिहाई के बाद ब्रिटेन सरकार ने इन दोनों को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की कोशिश की, क्योंकि इनके अपराध बहुत गंभीर थे। लेकिन इन्होंने अदालत में झूठ बोला कि उन्होंने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी है, इसलिए ये ‘बिना देश के इंसान’ बन गए हैं।

कानूनी वजह ब्रिटेन आरोपियों को डिपोर्ट नहीं कर पाया

ब्रिटेन के कानून के मुताबिक, किसी भी इंसान को ऐसे देश नहीं भेजा जा सकता जहां उसे खतरा हो या जहां उसकी कोई नागरिकता ही न हो। इसी कानूनी पेंच की वजह से पिछले 10-12 साल से ये दोनों आज भी ब्रिटेन में ही रह रहे हैं और डिपोर्ट नहीं हो पाए।

ब्रिटेन लंबे समय से इन यौन अपराधियों को पाकिस्तान भेजना चाहता था, लेकिन पाकिस्तान मना करता रहा। अब पाकिस्तान इस रुकावट को दूर करने के लिए तैयार है। इसी वजह से इस पूरे मामले को ‘लेन-देन वाली डील’ कहा जा रहा है। हालांकि, अभी तक पाकिस्तान या ब्रिटेन में से किसी ने भी इस पर आधिकारिक तौर पर बयान नहीं दिया है।

लोग बोले- पाकिस्तान यौन अपराधियों को हथियार बना रहा

मानवाधिकार संगठनों ने इस खबर पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि पाकिस्तान इस तरह विदेश में बैठे आलोचकों को डराने और चुप कराने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने अब ग्रूमिंग गैंग के दोषियों को भी राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

ब्रिटेन में भी यह मामला काफी संवेदनशील है, क्योंकि वहां लोगों में यह नाराजगी पहले से है कि इन अपराधियों को अब तक देश से बाहर नहीं भेजा गया।

1400 नाबालिग बच्चियां ‘ग्रूमिंग गैंग’ का बनीं थीं शिकार

साल 2022 में एक रिपोर्ट जारी हुई थी। इसमें बताया गया था कि इंग्लैंड के रॉदरहैम, कॉर्नवाल, डर्बीशायर, रोशडेल और ब्रिस्टल शहर में साल 1997 से 2013 के बीच कम से कम 1400 नाबालिग बच्चियां यौन शोषण की शिकार बनीं थीं। आरोपियों में सबसे ज्यादा पाकिस्तानी मूल के लोग थे।

ज्यादातर लड़कियों को एक संगठित गैंग ने बहला-फुसलाकर शिकार बनाया और उनकी तस्करी कर दी गई थी। सबसे पहला मामला रॉदरहैम शहर का था। इसके बाद जांच करने पर उत्तरी इंग्लैंड के कई शहरों में इसी तरह के और भी मामले सामने आए।

मस्क ने ग्रूमिंग गैंग की वजह से ब्रिटिश सरकार की आलोचना की थी

टेस्ला मालिक इलॉन मस्क ने जनवरी, 2025 में ग्रूमिंग गैंग की वजह से ब्रिटेन सरकार की आलोचना की थी। इसके बाद सरकार ने ब्रिटिश सहकर्मी और एक्सपर्ट बैरोनेस लुईस केसी को मामले पर एक डेटा रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

इस रैपिड ऑडिट में ग्रूमिंग गिरोहों के अपराधों और उनकी हिस्ट्री की स्टडी की गई। जून में ये रिपोर्ट सामने आई, जिसमें पाया गया कि पिछले एक दशक से अधिक समय से सरकार के पास अपराधियों की जाति और राष्ट्रीयता से जुड़ी ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं थी। इसे सरकार की एक बड़ी विफलता माना गया।

इसके साथ ही इसमें 12 सिफारिशें दी गईं, जिनमें एक राष्ट्रीय जांच शामिल है। रिपोर्ट के आधार पर पीएम कीर स्टार्मर ने जून में राष्ट्रीय जांच शुरू की थी।

कैसे काम करता है ग्रूमिंग गैंग?

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स का मतलब उन लोगों के ग्रुप से है जो बच्चों का शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण करते हैं। इनमें ज्यादातर कम उम्र की लड़कियां होती हैं। ये अपनी बातों में फंसाते हैं, उन्हें विश्वास दिलाते हैं कि वे उनके दोस्त हैं। जब बच्चे उन पर विश्वास करने लगते हैं तो उन पर दबाव बनाकर, डरा-धमका कर काबू में रखते हैं और उनका फायदा उठाते हैं।

इन लड़कियों को पार्टियों में ले जाया जाता है, शराब और ड्रग्स दिए जाते हैं। फिर इनसे कई लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता। ये लड़कियां समझ ही नहीं पातीं कि उनका यौन शोषण हो रहा है। इनमें से कई लड़कियां मानव तस्करी का भी शिकार हुईं।

इनमें से कई लड़कियां प्रेग्नेंट हुईं और उन्हें अबॉर्शन कराना पड़ा। कई लड़कियों ने अपने बच्चों को जन्म दिया, लेकिन वो इनके पिता का नाम तक नहीं जानती थीं। ये ग्रूमिंग गैंग्स पूरे ब्रिटेन में काम करते थे, लेकिन रोशडेल, रॉदरहैम और टेलफॉर्ड राज्यों में इन्होंने सबसे ज्यादा लड़कियों को फंसाया।

ग्रूमिंग गैंग का मकसद क्या है ?

ग्रूमिंग गैंग्स का कोई साफ और इकलौता मकसद नहीं है। उनके काम के पैटर्न से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कम उम्र की ब्रिटिश लड़कियों को फंसाकर वो पैसे की उगाही करते हैं। यौन शोषण करते हैं और प्रॉस्टिट्यूशन में धकेलते हैं। उनके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करती हैं।

कई मामलों में इन लड़कियों की तस्करी के मामले भी सामने आए हैं। पीड़िता डॉ. एला हिल ने एक इंटरव्यू में बताया कि ग्रूमिंग गैंग जातीय और धार्मिक आधार पर रेप करते हैं।

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