BJP increases speed in door-to-door SIR campaign, Lucknow, Uttar Pradesh | डोर-टु-डोर SIR अभियान में भाजपा ने बढ़ाई रफ्तार: किरायेदारों से लेकर घरेलू कामगारों तक की जानकारी जुटाने में जुटे कार्यकर्ता – Lucknow News

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विशेष सघन मतदाता पुनरीक्षण यानी कि SIR को लेकर भाजपा ने लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में नए सिरे से कमान कस दी है। पार्टी के भीतर शिकायतें आई थीं कि कुछ पार्षद अभियान में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे। इसके बाद संगठन ने सीधे पार्षदों की जिम्मेदारी तय करते हुए

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लखनऊ में अब हर पार्षद को SIR अभियान के दौरान रोज़ाना कम से कम 25 घरों में जाकर यह जांच करनी होगी कि मतदाता फॉर्म भरा गया है या नहीं, और यदि नहीं भरा तो लोगों को वहीं समझाकर फॉर्म भरवाना होगा।

कुंडी खटकाओ प्लान के लिए तय की गई नई जिम्मेदारी।

कुंडी खटकाओ प्लान के लिए तय की गई नई जिम्मेदारी।

कुंडी खटकाओ’ प्लान के बाद नई जिम्मेदारी

पहले चलाए गए “कुंडी खटकाओ” अभियान के बाद अब भाजपा पूरी तरह घर-घर पहुंचकर मतदाता सूची को दुरुस्त करने में जुट गई है। पार्षदों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हर घर का पूरा ब्योरा लिखित रूप में तैयार करें और जमा किए गए फॉर्म में किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं, इसकी भी पुष्टि करें। महानगर संगठन ने साफ कहा है कि “किसी भी कीमत पर SIR ढीला नहीं पड़ेगा।”

महानगर अध्यक्ष खुद भी सोसाइटी में जा कर सर्वे कर रहे।

महानगर अध्यक्ष खुद भी सोसाइटी में जा कर सर्वे कर रहे।

चार-चार सदस्यों की टीमें अब सोसाइटियों में घर-घर पहुंचेंगी

SIR की समय सीमा करीब आने के साथ ही भाजपा ने अब सर्च अभियान और भी तेज कर दिया है। अब चार-चार कार्यकर्ताओं की विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो लखनऊ की हर आवासीय सोसाइटी में जाकर किरायेदारों, घरेलू सहायकों, झाड़ू-पोंछा करने वालों, ड्राइवरों और अन्य कामगारों की जानकारी इकट्ठा करेंगी।

इसका मकसद मतदाता सूची में शामिल किए गए नए नामों की जांच करना और यह पता लगाना है कि कहीं फर्जी नाम जोड़कर राजनीतिक लाभ तो नहीं लिया जा रहा। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने बताया कि, “हम SIR अभियान को अब और तेज कर रहे हैं। हर वार्ड में यह सूची तैयार की जा रही है कि कहां कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या रह रहे हैं।”

बांग्लादेशी और रोहिंग्या को संरक्षण देने वाले पार्षदों की भी तैयारी होगी सूची

भाजपा अब लखनऊ के उन पार्षदों की भी सूची तैयार कर रही है जो अपने वार्ड में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या को संरक्षण देते हैं। संगठन के आकलन में ऐसे कई पार्षदों ने संदिग्ध लोगों को रहने की जगह दी, उनका दस्तावेज़ बनवाने में मदद की, और वोटर लिस्ट में शामिल कराने की कोशिश की।

भाजपा के सूत्रों की माने तो , यह सूची केवल विपक्षी पार्षदों तक सीमित नहीं है। भाजपा के भी ऐसे कुछ पार्षदों पर नजर रखी जा रही है, ताकि SIR को लेकर कोई ढिलाई, धोखाधड़ी या गलत जानकारी अभियान को प्रभावित न कर सके।

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