सिडनीकुछ ही क्षण पहले
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बाप-बेटे हमलावरों ने ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर गोलीबारी की, इसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। पूरा देश इस घटना से दुखी है।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले से पूरे देश में मातम का माहौल है। दरअसल, 14 दिसंबर को बीच पर जश्न मना रहे यहूदी लोगों पर दो आतंकियों ने हमला कर दिया। इसमें 15 लोगो की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
यह घटना ऑस्ट्रेलिया के 29 साल के इतिहास की सबसे बड़ी मास शूटिंग है। ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं आम नहीं हैं। इससे पहले साल 1996 में पोर्ट आर्थर में एक अकेले हमलावर ने 35 लोगों की हत्या कर दी थी।
हमले के बाद यहां सख्त गन कानून लागू किए गए थे। ऑस्ट्रेलिया में बंदूक खरीदने के लिए कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। आतंकी साजिद के पास कैटेगरी AB फायरआर्म लाइसेंस था, जो रिक्रिएशनल हंटिंग (शिकार) के लिए जारी किया गया था।
पुलिस के अनुसार, इस लाइसेंस से वह 6 बंदूकें कानूनी रूप से रख सकता था, और हमले में इस्तेमाल हुई बंदूकें इन्हीं में एक थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार सुबह कहा कि बॉन्डी बीच पर हुई सामूहिक गोलीबारी इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित लगती है।

ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर हुए हमले के बाद पूरे देश में मातम का माहौल है।

ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के दौरान हुई गोलीबारी के पीड़ितों को बॉन्डी पैवेलियन में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोग।
PM बोले- लोगों को मारना नफरत की विचारधारा
अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) को बताया, “ऐसा लगता है कि यह इस्लामिक स्टेट विचारधारा से प्रेरित था। यह नफरत की विचारधारा है, जो एक दशक से अधिक समय से मौजूद है और इस मामले में बड़े पैमाने पर हत्या कर दी जाती है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि हमलावरों में से एक की 2019 में जांच हुई थी, लेकिन तब उसे खतरे की श्रेणी में नहीं रखा गया था और उस पर निरंतर निगरानी नहीं की जा रही थी। अल्बनीज ने कहा, “अब यह जांच करना होगा कि क्या उसके बाद वह और अधिक कट्टर हो गया था।”
उन्होंने देश में यहूदियों के खिलाफ नफरत (एंटीसेमिटिज्म) से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। “हम इस पर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। लेकिन एंटीसेमिटिज्म बहुत पुरानी समस्या है।” पुलिस ने इसे आतंकवादी घटना घोषित किया है।
यहूदियों पर आतंकी हमले से जुड़ी 3 तस्वीरें…

बॉन्डी बीच के पास दो आतंकियों ने एक ब्रिज से हनुक्का त्योहार मना रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की।

आतंकियों की फायरिंग के बाद बॉन्डी बीच पर लाशें बिछ गईं। इसमें अब तक 16 लोगों की मौत हुई है।

ब्रिज से फायर कर रहे दोनों आतंकियों को पुलिस ने गोली मारी। एक आतंकी को पहले ही गोली लग चुकी थी। फुटेज में दूसरा आतंकी गोली लगने के बाद गिरता नजर आया।
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई हीरो अहमद से मुलाकात की
प्रधानमंत्री ने अस्पताल में ऑस्ट्रेलियाई हीरो कहे जाने वाले अहमद अल अहमद से मुलाकात की और कहा कि उस व्यक्ति से मिलना बहुत बड़ा सम्मान था जिसने बोंडी के हमलावरों में से एक पर घात लगाकर हमला किया और उससे राइफल छीन ली।
कोगाराह के सेंट जॉर्ज अस्पताल के बाहर अल्बानीज ने कहा, “वह एक सच्चे ऑस्ट्रेलियाई नायक हैं।” अहमद अंधाधुंध फायरिंग कर रहे आतंकी साजिद अकरम से निहत्थे भिड़ गए।
उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पीछे से आतंकी पर झपट्टा मारा और उससे बंदूक छीन ली, जिससे कई लोगों को सुरक्षित निकलने का मौका मिल गया। इस हमले में एक आतंकी समेत 16 लोगों की मौत हुई है।
लोग अब अहमद को ‘ऑस्ट्रेलिया का नया हीरो’ कह रहे हैं। अहमद जब आतंकी साजिद से मुठभेड़ करने जा रहे थे, तब उनके भाई ने उन्हें रोका था। तब उन्होंने कहा था, ‘अगर मुझे कुछ हुआ तो परिवार को बताना कि मैं लोगों की जान बचाते हुए मारा गया।’

प्रधानमंत्री ने अस्पताल में अहमद से मुलाकात की।
लाइसेंसी बंदूक से हमलावर ने गोलीबारी की थी
पुलिस के मुताबिक, 50 साल के हमलावर साजिद अकरम के पास लाइसेंसी बंदूक थी, जिसका इस्तेमाल वह शिकार के लिए करता था। एनएसडब्ल्यू पुलिस कमिश्नर मल लैनयन ने कहा कि साजिद अकरम एक गन क्लब का सदस्य था और राज्य के कानून के तहत उसके पास लाइसेंस था।
साजिद अकरम के पास कानूनी रूप से 6 बंदूकें थी। गोलीबारी के लिए निकलने से पहले बाप-बेटे ने अपने परिवार को कहा था कि वह मछलियां पकड़ने जा रहे हैं। अकरम अपने परिवार के साथ एक किराए के घर में रहता था।
हमले के बाद पुलिस ने इस मकान पर छापेमारी की। रिपोर्ट के मुताबिक साजिद अकरम फलों की दुकान चलाता था।
6 बंदूकें कानूनी रूप से रख सकता आतंकी
साजिद के पास कैटेगरी AB फायरआर्म लाइसेंस था, जो रिक्रिएशनल हंटिंग (शिकार) के लिए जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस लाइसेंस से वह 6 बंदूकें कानूनी रूप से रख सकता था, और हमले में इस्तेमाल हुई बंदूकें इन्हीं में से लगती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बंदूक कानून सख्त हैं, लेकिन 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद सेमी-ऑटोमैटिक हथियारों पर बैन लगा दिया गया था। फिर भी, मैनुअल एक्शन वाली बंदूकें जैसे बोल्ट-एक्शन राइफल्स और उनके वेरिएंट – जैसे स्ट्रेट पुल एक्शन, बेसिक लाइसेंस से मिल जाती हैं।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट जेरार्ड डटन के मुताबिक, हमले के वीडियो में दिख रही राइफल एक स्ट्रेट पुल बोल्ट-एक्शन थी, जो पारंपरिक बोल्ट-एक्शन से थोड़ी तेज फायर करती है, लेकिन सेमी-ऑटोमैटिक नहीं है, इसलिए इसे सामान्य लाइसेंस से हासिल किया जा सकता था।

स्ट्रेट पुल बोल्ट-एक्शन गन। इसका ज्यादातर इस्तेमाल शिकार करने के लिए होता है।
ऑस्ट्रेलिया में 10 लाख लोगों के पास 40 लाख बंदूकें
ऑस्ट्रेलिया में बंदूक रखना आम है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, औसतन हर लाइसेंसधारी के पास 3-4 बंदूकें हैं, और कुल 40 लाख बंदूकें 10 लाख लाइसेंसधारियों के पास हैं। कुछ लोग तो सैकड़ों बंदूकें रखते हैं।
सिडनी में दो लोगों के पास 300 से ज्यादा बंदूकें हैं। एनएसडब्ल्यू में बंदूक लाइसेंस पाने के लिए 18 साल से ज्यादा उम्र, कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न होना और वैध कारण जैसे स्पोर्ट शूटिंग, हंटिंग या पेस्ट कंट्रोल जरूरी है।
इस हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट फिर चर्चा में है, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि मौजूदा नीतियां सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और राज्य नेता बंदूक कानूनों को और सख्त करने पर सहमत हुए हैं।
इसमें राष्ट्रीय फायरआर्म रजिस्टर जल्द लॉन्च करना, एक व्यक्ति द्वारा रखी जा सकने वाली बंदूकों की संख्या पर सीमा लगाना और कुछ तरह के हथियारों पर और प्रतिबंध शामिल हैं।
स्ट्रेट पुल बोल्ट-एक्शन गन अमेरिका-यूरोप में भी फेमस
स्ट्रेट पुल बोल्ट-एक्शन एक खास तरह की बोल्ट-एक्शन राइफल है। सामान्य बोल्ट-एक्शन राइफल में गोली लोड करने और खाली कारतूस निकालने के लिए बोल्ट हैंडल को ऊपर उठाना, पीछे खींचना, आगे धकेलना और फिर नीचे घुमाकर लॉक करना पड़ता है।
इसमें बोल्ट को घुमाने (rotate) की जरूरत नहीं पड़ती। एक विशेष मैकेनिज्म (जैसे कैमिंग सिस्टम) अपने आप बोल्ट को लॉक और अनलॉक कर देता है। इससे राइफल को बहुत तेजी से रीलोड किया जा सकता है, खासकर फॉलो-अप शॉट्स (लगातार गोलियां चलाने) में। हाथ की मूवमेंट कम होने से निशाना कम है बिगड़ता।
यह गन तेज ऑपरेशन के लिए बेहतर मानी जाती है। यह सेमी-ऑटोमैटिक जैसी स्पीड देती है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल शिकार और बायथलॉन जैसे स्पोर्ट्स में बहुत लोकप्रिय है। यह यूरोप में काफी आम है और अमेरिका में हाल ही में पॉपुलर हो रही है।

बोल्ट-एक्शन राइफल में गोली लोड करने और खाली कारतूस निकालने के लिए बोल्ट हैंडल को ऊपर उठाना, पीछे खींचना, आगे धकेलना और फिर नीचे घुमाकर लॉक करना पड़ता है। इसमें 4 मूवमेंट होते हैं।
आतंकियों के पाकिस्तानी मूल के होने का शक
इस घटना में शामिल दोनों आतंकियों की पहचान हो गई है। ये बाप-बेटे हैं। पुलिस को इनके पाकिस्तानी मूल के होने का शक है।
आतंकियों ने रविवार को बॉन्डी बीच पर हनुक्का फेस्टिवल मना रहे लोगों पर फायरिंग की थी।
इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 50 साल के साजिद अकरम को मौके पर ही गोली मार दी, जिससे वो वहीं ढेर हो गया।
वहीं, उसके साथ फायरिंग कर रहा उसका 24 साल का बेटा नवीद अकरम पुलिस की गोली से घायल हुआ, वह अस्पताल में गंभीर हालत में है।
गोलियां बरसाने से पहले आतंकी ने मां से झूठ कहा था
नवीद ने हमले से कुछ घंटे पहले अपनी मां से बात की थी। द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, उसने अपनी मां से कहा था कि वह तैराकी करने गया है और अब खाने जा रहा है।
सिडनी में पुलिस जब उनके घर को घेर रही थी, तब हमलावर की मां वेरेना ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि उनके बेटे नवीद ने उन्हें रविवार सुबह आखिरी बार फोन किया था। उस समय वह अपने पिता साजिद अकरम के साथ जर्विस बे में वीकेंड ट्रिप पर था।
वेरेना ने कहा, “उसने मुझे रविवार को फोन किया और कहा, मम्मी, मैं अभी तैर कर आया हूं। मैंने स्कूबा डाइविंग की। अब हम खाने जा रहे हैं। फिर उसने कहा कि बहुत गर्मी है, इसलिए अब हम घर पर ही रहेंगे।”
इसके कुछ ही घंटों बाद, साजिद और नवीद दोनों ने बॉन्डी बीच पर हनुक्का कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी शुरू कर दी।

तस्वीर 24 साल के आतंकी नवीद अकरम की है। वह स्नाइपर गन से लोगों को निशाना बना रहा था।
मां बोली- हर मां चाहेगी उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो
वेरेना ने कहा कि वह क्राइम साइट पर ली गई तस्वीरों में अपने बेटे को पहचान ही नहीं पाईं। उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसका बेटा हिंसा में शामिल हो सकता है।
उसने कहा, “उसके पास कोई बंदूक नहीं है। वह बाहर भी नहीं घूमता। वह दोस्तों के साथ नहीं रहता। वह शराब नहीं पीता, सिगरेट नहीं पीता। वह बुरी जगहों पर नहीं जाता। वह काम पर जाता है, घर आता है और बस यही उसकी जिंदगी है।”
वेरने ने कहा कि कोई भी मां चाहेगी कि उसका बेटा मेरे बेटे जैसा हो। क्योंकि वह एक अच्छा लड़का है। उसने कहा कि नवीद करीब दो महीने से बेरोजगार था। जिस निर्माण कंपनी में वह ईंट लगाने का काम करता था, वह बंद हो गई थी। इसके बाद वह लगातार नई नौकरी की तलाश कर रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे की वजह अब भी पता लगाई जा रही है। इस घटना से पूरा ऑस्ट्रेलिया दहल गया है और देशभर में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ऑस्ट्रेलियाई मंत्री बोले- साजिद रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर रह रहा था
ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने खुलासा किया है कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। उसने वेरेना नामक ऑस्ट्रेलियाई महिला से शादी की और अपना वीजा पार्टनर वीजा में बदल लिया। तब से वह रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर था। यानी साजिद अकरम के पास ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता नहीं थी।
बर्क ने यह नहीं बताया कि अकरम ऑस्ट्रेलिया में कहां से आकर बसा था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि वह पाकिस्तान से आया था। अकरम के बेटे नवीद का जन्म 2001 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। वह एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।
अब तक हमले में मारे गए 9 लोगों की पहचान हो पाई है

हनुक्का फेस्टिवल मना रहे यहूदियों को निशाना बनाया गया
रविवार को घटना के वक्त यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का फेस्टिवल मना रहे थे। यह यहूदियों का खास त्यौहार है, जो 14 दिसंबर से शुरू हुआ था।
बॉन्डी बीच पर हुई सामूहिक गोलीबारी की घटना के बाद मेलबर्न में आयोजित होने वाला हनुक्का फेस्टिवल रद्द कर दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया की कुल यहूदी आबादी करीब 1,17,000-1,20,000 है, जिसमें से लगभग आधी (53,000 से 60,000) मेलबर्न शहर में रहती है।
2021 जनगणना में विक्टोरिया (जिसमें मेलबर्न मुख्य है) में 46,000 यहूदी दर्ज हुए, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि असली संख्या 60,000 के करीब है।

दुनियाभर के नेताओं ने शोक जताया….
भारतीय PM नरेंद्र मोदी: मैं ऑस्ट्रेलिया में हुए भयानक आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन जश्न मना रहे लोगों को निशाना बनाया गया। भारत की जनता की ओर से मैं उन परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति और संवेदनाएं जताता हूं जिन्होंने अपने करीबी लोगों को खोया। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करता है।
ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर: गोलीबारी की खबर बेहद परेशान करने वाली है। यह यहूदी विरोधी आतंकी हमला है। हम इसकी निंदा करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प: हम पीड़ितों के लिए प्रार्थना ही कर सकते हैं। यह बहुत ही भयानक घटना थी। लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें गर्व से त्योहार मनाना चाहिए, और उन्हें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि वे कौन हैं।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू: ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों इस हमले के लिए जिम्मेदार है। सरकार की नीतियों ने आग में घी डालने का काम किया। हमने पहले चेतावनी दी थी, लेकिन जरुरी कदम नहीं उठाए गए।
यहूदियों पर हमले की लोकेशन….

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