Karnal Minor Rape Case: POCSO Fast Track Court Sentences Convict to 20 Years Jail | नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा: ​​​​​​​पोक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट का सख्त फैसला, 20 हजार का जुर्माना भी लगाया – Karnal News

Actionpunjab
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हरियाणा के करनाल में नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी को लंबी सजा सुनाई है। पोक्सो के तहत गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले के सभी सबूतों, गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध माना। अदालत ने कहा

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पोक्सो की फास्ट ट्रैक कोर्ट में अतिरिक्त सेशन जज गुनीत अरोड़ा की अदालत ने दोषी रोहित को 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला लंबे समय तक चली सुनवाई और साक्ष्यों के गहन परीक्षण के बाद सुनाया गया।

अब सिलसिलेवार ढंग से समझिये पूरा मामला…

मां ने लगाया आरोप-बेटी को भगा ले गया आरोपी 18 दिसंबर 2021 को नाबालिग की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 13 साल की बेटी 17 दिसंबर 2021 की रात 12 के करीब घर से चली गई। बेटी के पास फोन भी था, लेकिन वह भी बंद है। शिकायत के आधार पर करनाल सदर थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 346 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद 20 दिसंबर 2021 को नाबालिग की मां ने पुलिस का ब्यान लिखा गया और उसके बाद आईपीसी की धारा 363, 366ए जोड़ दी गई।

करनाल सदर थाना की फोटो।

करनाल सदर थाना की फोटो।

इसके बाद अगले दिन यानी 21 दिसंबर को लड़की सीएचडी सिटी करनाल से बरामद की गई। इसके बाद लड़की के 164सीआरपीसी के तहत ब्यान करवाए गए और सीडब्ल्युसी में काउंसलिंग करवाई गई। फिर नाबालिग का मेडिकल भी करवाया गया। जिसके बाद इस मामले में 25 दिसंबर को पोक्सो 6 लग गई और 3 जनवरी 2022 को रोहित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और आरोपी को गिरफ्तार करके 4 जनवरी को अदालत में पेश गया गया, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को जुडिसियल भेज दिया गया।

रोहित ने अपने बयानों में कबूला गुनाह

जब 3 जनवरी 2022 को रोहित के बयान लिए गए थे तो उसने बिना किसी भय और लालच के बताया था कि वह अपने पड़ोसी की लड़की को जानता था और उसकी जान पहचान थी। 17 दिसंबर 2021 को लडकी को घर से बिना बताये बहका फुसलाकर भगा ले गया और उसने लड़की की मर्जी के खिलाफ गांव के खेतों में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

अमन कौशिक उप जिला न्यायवादी करनाल।

अमन कौशिक उप जिला न्यायवादी करनाल।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि नाबालिग को पड़ोस में रहने वाले युवक ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसे गांव में खेत में बने एक कमरे में छुपाकर रखा हुआ था। वहां वह उसके साथ लगातार गलत काम कर रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने तीन दिन बाद आरोपी को काबू कर लिया और नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर लिया।

मेडिकल और वैज्ञानिक साक्ष्य

बरामदगी के बाद नाबालिग का मेडिकल कराया गया। जांच में यह सामने आया कि 23 वर्षीय आरोपी ने नाबालिग के साथ कई बार गलत काम किया था। बाद में पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उस कमरे को भी बरामद किया, जहां नाबालिग को बंद कर रखा गया था। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

डॉ पंकज सैनी जिला न्यायवादी करनाल।

डॉ पंकज सैनी जिला न्यायवादी करनाल।

अभियोजन की मजबूत पैरवी

जिला न्यायवादी डा. पंकज सैनी ने बताया कि इस मामले में उप न्यायवादी अमन कौशिक ने प्रभावी पैरवी की। अमन कौशिक ने बताया कि इस केस में कुल 15 गवाहों की गवाही कराई गई। जांच अधिकारी द्वारा पहले डीएनए गवाह शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अदालत से अनुमति लेकर डीएनए एक्सपर्ट को गवाह बनाया गया। जांच में नाबालिग के कपड़ों पर आरोपी का डीएनए पाया गया, जो सजा का मुख्य आधार बना।

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