Chaturthi vrat on 23 December, ganesh chaturthi vrat significance in hindi, ganesh puja vidhi in hindi | चतुर्थी व्रत 23 दिसंबर को: कोई नया काम या प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, तो चतुर्थी तिथि पर गणेश पूजन के बाद कर सकते हैं शुरू

Actionpunjab
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12 घंटे पहले

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मंगलवार, 23 दिसंबर को विनायकी चतुर्थी व्रत किया जाएगा। अभी पौष मास चल रहा है और इस मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी महत्व काफी अधिक है। ये व्रत जीवन के सभी विघ्नों को दूर करने की कामना से किया जाता है। इस दिन व्रत के साथ भगवान गणेश की विशेष पूजा करनी चाहिए। जानिए इस तिथि पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं…

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, यदि आप कोई नया काम या प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, तो चतुर्थी तिथि पर गणेश पूजन के बाद इसे शुरू कर सकते हैं। ये तिथि नए काम शुरू करने के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।

इस तिथि पर दान-पुण्य जरूर करना चाहिए। अभी ठंड का समय है, इसलिए जरूरतमंद लोगों को तिल, गुड़ और गर्म कपड़ों का दान करें। इसके अलावा अनाज, भोजन, जूते-चप्पल, धन का भी दान कर सकते हैं। किसी गोशाला में गायों की देखभाल के लिए धन का दान करें। गायों को हरी घास खिलाएं। किसी हाथी को इस दिन गन्ना खिला सकते हैं।

इस दिन गणेश जी का अभिषेक करने की परंपरा है। गणेश प्रतिमा पर पंचामृत चढ़ाएं। पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और मिश्री मिलाकर बनाना चाहिए। पंचामृत के बाद शुद्ध जल चढ़ाएं। हार-फूल और नए वस्त्रों से भगवान का श्रृंगार करें। दूर्वा, चावल, चंदन, कुमकुम, अबीर, गुलाल आदि पूजन सामग्री अर्पित करें। मिठाई और लड्डू का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं। ऊँ गं गणपतयै नम: मंत्र का जप करें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और खुद भी लें।

जो लोग चतुर्थी तिथि पर व्रत करना चाहते हैं, उन्हें सुबह जल्दी उठना चाहिए। स्नान के बाद भगवान के सामने हाथ में जल और चावल लेकर चतुर्थी व्रत करने का संकल्प लें। पूजा करें। इसके बाद दिनभर निराहार करें, जो लोग भूखे नहीं रह पाते हैं, वे फलाहार कर सकते हैं। व्रत करने वाले व्यक्ति को विचारों में पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।

मंगलवार और चतुर्थी के योग में मंगल ग्रह की पूजा करें। मंगल देव की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है, इसलिए शिवलिंग पर लाल गुलाल, लाल फूल चढ़ाएं। ऊँ अं अंगारकाय नम: मंत्र का जप करें। जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह से संबंधित दोष हैं, उन्हें मंगलवार को मंगल की विशेष पूजा करनी चाहिए।

मंगलवार को हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। अगर समय हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करना चाहिए। ऊँ रामदूताय नम: मंत्र का जप करें।

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