स्वस्थ रहने के गुर सिखाती डॉ. शुभलक्ष्मी दीदी व अन्य।
टोंक में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने मेहंदवास स्थित निजी स्कूल में ‘राजयोग और स्वास्थ्य: बच्चों के लिए संतुलित जीवन’ का आयोजन किया।
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कार्यक्रम में हॉलिस्टिक हेल्थ विशेषज्ञ ब्रह्माकुमारी डॉ. शुभलक्ष्मी दीदी ने बच्चों को पढ़ाई, खेल और आराम के बीच संतुलन बनाए रखने तथा समय के सदुपयोग का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कार और अनुशासित जीवन से सफलता और सुख की प्राप्ति होती है। आध्यात्मिकता आत्म-चिंतन, धैर्य और जीवन के उद्देश्य को समझने की क्षमता विकसित करती है, जिससे मन को सही दिशा मिलती है।

ब्रह्मकुमारी प्रजापिता की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद बच्चे।
डॉ. शुभलक्ष्मी दीदी ने हॉलिस्टिक हेल्थ पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और भावनात्मक समझ का समन्वित विकास आवश्यक है। इससे विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, बल्कि संवेदनशील, अनुशासित और नैतिक मूल्यों से युक्त जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं।
राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी गुंजन दीदी ने बच्चों को विभिन्न एक्सरसाइज करवाईं और राजयोग के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि राजयोग से मन शांत और एकाग्र होता है तथा स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बच्चों में तनाव और डिप्रेशन की समस्या बढ़ रही है, ऐसे में राजयोग ध्यान का नियमित अभ्यास मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है। इस दौरान बच्चों को राजयोग का अभ्यास भी करवाया गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण यादव ने कहा कि बच्चों को सुसंस्कारित बनाने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान का प्रयास सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में श्रेष्ठ भावनाओं और नैतिक मूल्यों के विकास में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में बीके तुलसीराम भाई, राजाराम, रामअवतार, शिवदयाल, रमेश, रोहित, रूपनारायण, रामजी, कमलेश, बनवारी, मुरली, रेखा, प्रियंका, गुड़िया सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।