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लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन को मेट्रो से सीधे जोड़ने के लिए प्रस्तावित स्काईवॉक योजना अब तक कागज़ों से बाहर नहीं निकल सकी है। दिसंबर में पहले चरण का निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अभी तक स्काईवॉक की फिजिबिलिटी रिपोर्ट भी पूरी
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आरएलडीए के साथ मिलकर बननी थी योजना
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से चारबाग स्टेशन को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए रवींद्रालय के सामने रेलवे ऑफिसर्स रेस्टहाउस के पास से स्काईवॉक बनाने की योजना तैयार की गई थी। इस परियोजना को रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के सहयोग से आगे बढ़ाया जाना था, लेकिन तकनीकी औपचारिकताओं के कारण काम समय पर शुरू नहीं हो सका।
यात्रियों को मिलना था सीधा मेट्रो कनेक्शन
स्काईवॉक के बन जाने से चारबाग स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिलती। फिलहाल यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलकर सड़क मार्ग से मेट्रो स्टेशन तक जाना पड़ता है, जिससे समय और असुविधा दोनों बढ़ती हैं।
लखनऊ जंक्शन से जुड़ चुकी है मेट्रो
गौरतलब है कि लखनऊ जंक्शन को पहले ही दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन से स्काईवॉक के जरिए जोड़ा जा चुका है। इसी तर्ज पर बादशाहनगर रेलवे स्टेशन को मेट्रो से जोड़ने के लिए करीब 100 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा स्काईवॉक बनाया जा रहा है, जिसकी नींव रखी जा चुकी है। इसे मार्च से पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
रेलवे का दावा—जल्द शुरू होगा निर्माण
सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि, चारबाग में प्रस्तावित स्काईवॉक को लेकर टीमें काम कर रही हैं। जल्द ही इसकी नींव रखी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि यात्रियों को अभी इस सुविधा के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।