नई दिल्ली3 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और दूसरे तरह के गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा।
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (Meity) ने ये एडवाइजरी सोमवार को जारी की थी। PTI न्यूज एजेंसी की मंगलवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि एडवाइजरी में इंटरनेट प्लेटफॉर्म को IT एक्ट के संबंध में अपने कंप्लायंस फ्रेमवर्क की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
मंत्रालय ने कहा-
सोशल मीडिया इंटरमीडियरी सहित अन्य इंटरमीडियरी को याद दिलाया जाता है कि वे IT एक्ट की धारा 79 के तहत कानूनी रूप से बाध्य हैं। तीसरे पक्ष की जानकारी जो उनके प्लेटफॉर्म पर या उसके ज़रिए अपलोड, पब्लिश, होस्ट, शेयर या ट्रांसमिट की जाती है, उसके संबंध में जिम्मेदारी से छूट पाने की शर्त के तौर पर उचित सावधानी बरतें।

एडवाइजरी की मुख्य बातें…
- IT एक्ट और/या IT नियम, 2021 के प्रावधानों का पालन न करने पर सख्ती होगी
- इंटरमीडियरी, प्लेटफॉर्म और उनके यूज़र्स के खिलाफ IT एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS), और अन्य संबंधित आपराधिक कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा
- हमारे संज्ञान में आया है कि इंटरमीडियरी के उचित सावधानी बरतने की जिम्मेदारियों में ज्यादा निरंतरता की जरूरत है, खासकर ऐसे कंटेंट की पहचान करने, रिपोर्ट करने और हटाने के संबंध में जिसे अश्लील और/या गैर-कानूनी माना जाएगा।
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक ये प्रावधान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने की मांग करते हैं।
इसमें ये ध्यान रखने को कहा गया है जिसमें यूजर ऐसी कोई भी जानकारी और कंटेंट होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मॉडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, स्टोर, अपडेट या शेयर न करें जो अश्लील, पोर्नोग्राफिक, बच्चों के यौन शोषण से संबंधित, बच्चों के लिए हानिकारक, या गैर-कानूनी हो।