मेरठ नगर निगम गृहकर वसूली के लिए कैंप , प्रचार और अन्य माध्यमों से जमा करने की अपील कर रहा है इसके बाद भी लोग निगम का बकाया नहीं दे रहे हैं। जिस रफ्तार से नए साल के पहले दो दिनों में पैसा जमा हुआ है उसमें तीन महीने में 83 करोड़ जुटाना निगम के लिए बड़
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बीते दिनों राज्यसभा सांसद भी सीटीओ से गृहकर में आने वाली समस्याओं को जानने पहुंचे थे।
एक जनवरी को नगर निगम महज 14 लाख रुपये ही गृहकर के रूप में वसूल सका, जबकि दूसरे दिन भी हालात लगभग इसी तरह रहे। हालांकि 2025 के अंतिम दिन बुधवार को निगम ने रिकॉर्ड बनाते हुए 1 करोड़ रुपये से अधिक गृहकर वसूला था। इसके चलते वार्षिक लक्ष्य 133 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक कुल वसूली का आंकड़ा 50 करोड़ रुपये को पार कर गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अब केवल तीन महीने शेष हैं और निगम को लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष 83 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जो आसान नहीं मानी जा रही। निगम अधिकारियों के अनुसार, यदि वसूली की गति सामान्य दिनों जैसी ही रही तो लक्ष्य हासिल करना कठिन होगा। छूट और शिविरों पर निगम का जोर गृहकर वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम ने मौजूदा गृहकर पर मिलने वाली 20 प्रतिशत की छूट की अवधि 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया के निर्देश पर यह फैसला लिया गया। साथ ही, वार्डों में शिविर लगाने की तैयारी की जा रही है, जहां स्वकर फार्म भरवाने के साथ आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाएगा।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि वार्डों में लगाए जाने वाले शिविरों की जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें। इसके अलावा जीआईएस आईडी एप को भी सार्वजनिक किया जा रहा है, जिससे नागरिक अपने मकान या दुकान का पुराना और वर्तमान गृहकर विवरण आसानी से देख सकेंगे।