jaish e mohammed masood azhar audio claims thousands of suicide bombers | जैश के पास हजारों फिदायीन, आतंकी मसूद अजहर का दावा: वायरल ऑडियो क्लिप में बोला- जैश की ताकत सामने आई तो शोर मच जाएगा

Actionpunjab
6 Min Read


इस्लामाबाद4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के नाम से एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में मसूद अजहर कथित तौर पर दावा करता है कि जैश के पास हमले करने के लिए हजारों आत्मघाती हमलावर तैयार हैं।

हालांकि, इस ऑडियो की तारीख और इसकी सच्चाई की पुष्टि नहीं हो पाई है। ऑडियो में मसूद अजहर यह कहते हुए सुनाई देता है कि उसके संगठन में सिर्फ एक-दो, सौ या हजार लोग नहीं हैं।

वो दावा करता है कि अगर असली संख्या बता दी गई, तो शोर मच जाएगा। वो यह भी कहता है कि उसके लड़ाके किसी पैसे, वीजा या निजी फायदे के लिए नहीं लड़ते, बल्कि सिर्फ शहादत चाहते हैं।

संसद हमले का मास्टरमाइंड है आतंकी अजहर

पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर 2001 में भारत की संसद पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा भी उसने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम दिया है। मसूद 2016 में हुए पठानकोट हमले का भी मास्टरमाइंड है।

इस मामले में दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, मसूद ने भारत पर हमलों के लिए जैश-ए-मोहम्मद के कैडर का इस्तेमाल किया था। उसने 2005 में अयोध्या में राम जन्मभूमि और 2019 में पुलवामा में CRPF के जवानों पर भी हमला करवाया था।

इसके अलावा मसूद 2016 में उरी हमले और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में भारतीय कॉन्सुलेट पर अटैक का भी जिम्मेदार है।

1994 में पहली बार भारत आया था मसूद अजहर

मसूद अजहर पहली बार 29 जनवरी, 1994 को बांग्लादेश से विमान में सवार होकर ढाका से दिल्ली पहुंचा था। 1994 में अजहर फर्जी पहचान बनाकर श्रीनगर में दाखिल हुआ था। उसका मकसद हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी और हरकत-उल-मुजाहिदीन गुटों के बीच तनाव कम करना था।

इस बीच भारत ने उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अनंतनाग से गिरफ्तार कर लिया था। तब अजहर ने कहा था- कश्मीर को आजाद कराने के लिए 12 देशों से इस्लाम के सैनिक आए हैं। हम आपकी कार्बाइन का जवाब रॉकेट लॉन्चर से देंगे।

इसके 4 साल बाद जुलाई 1995 में जम्मू-कश्मीर में 6 विदेशी टूरिस्ट्स को अगवा कर लिया गया। किडनैपर्स ने टूरिस्ट के बदले समूद अजहर को रिहा करने की मांग की। इस बीच अगस्त में दो टूरिस्ट किडनैपर्स की कैद से भागने में कामयाब हो गए। हालांकि, बाकियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

1999 में विमान हाईजैक के बाद भारत सरकार ने अजहर को छोड़

24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली आ रहे एक भारतीय विमान को अजहर के भाई सहित दूसरे आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था। वो इसे अफगानिस्तान के कंधार ले गए, जहां उस वक्त तालिबान का शासन था। विमान में कैद लोगों के बदले मसूद अजहर सहित 3 आतंकियों को छोड़ने की मांग की गई।

आतंकियों की मांग पूरी हुई और मसूद आजाद हो गया। इसके बाद वह पाकिस्तान भाग गया। चीनी सरकार UNSC में मसूद को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित होने से कई बार बचा चुकी है। 2009 में अजहर को वैश्विक आतंकी की लिस्ट में शामिल करने के लिए पहली बार प्रस्ताव आया था। तब लगातार 4 बार चीन ने सबूतों की कमी का हवाला देकर प्रस्ताव पास नहीं होने दिया।

तस्वीर 1999 की है, जब आतंकी भारत के एक विमान को हाईजैक करके अफगानिस्तान ले गए थे।

तस्वीर 1999 की है, जब आतंकी भारत के एक विमान को हाईजैक करके अफगानिस्तान ले गए थे।

ऑपरेशन सिंदूर में मसूद के परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे

भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद 7 मई को पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। बहावलपुर पर भारतीय हमले में मसूद के परिवार के 10 लोग मारे गए थे। इसके अलावा 4 सहयोगियों की भी मौत हुई थी।

मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल हैं। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इस वजह से उसकी जान बच गई थी।

बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी मसूद ने परिवार के लोगों के मरने के बाद एक बयान भी जारी किया था। इसमें उसने कहा था कि मैं भी मर जाता तो खुशनसीब होता।

————-

यह खबर भी पढ़ें…

मसूद अजहर हर पाकिस्तानी जिले में महिला आतंकी सेंटर खोलेगा:यहां 15 दिन का टेररिज्म कोर्स चलेगा, कहा- इसमें शामिल महिलाओं को जन्नत मिलेगी

आतंकी सगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान के हर जिले में महिला आतंकी सेंटर की ब्रांच खोलेगा। यहां आतंकी बनने के लिए 15 दिन का कोर्स चलेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हर ब्रांच की हेड ‘डिस्ट्रिक्ट मुंतेजिमा’ होगी, जो लोकल महिलाओं को भर्ती करेगी। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *