रोहतक पीजीआईएमएस के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल।
रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वरिष्ठ प्रोफेसर व फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल को सस्पेंड करने के ऑर्डर जारी किए गए है। VC डॉ. एचके अग्रवाल व डायरेक्टर डॉ. एसके सिंघल की
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फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल पर 2017 में एक मामले में चार्ज लगा था। इस मामले में एक लड़की के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ था, जिसमें डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल ने एक चैनल पर गैंगरेप होने की बात कही थी। जबकि डॉ. धत्तरवाल पोस्टमॉर्टम करने वाले पैनल में शामिल ही नहीं थे।
इसी मामले में 2017 के अंदर डॉ. धत्तरवाल को चार्जशीट किया गया था और जांच कमेटी के सामने पेश होने के निर्देश दिए थे। लेकिन डॉ. धत्तरवाल ने जांच कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष नहीं रखा, जिसके कारण उन्हें दोषी करार दिया गया।

पीजीआईएमएस का डायरेक्टर ऑफिस।
25 दिसंबर 2025 को जांच कमेटी ने दी थी रिपोर्ट पीजीआई की तरफ से 2017 के मामले में बनाई गई जांच कमेटी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद 25 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट सौंपी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर वाइस चांसलर डॉ. एचके अग्रवाल व डायरेक्टर डॉ. एसके सिंघल की तरफ से सस्पेंड करने के ऑर्डर जारी किए गए है।
31 जनवरी को होना है रिटायर, उससे पहले हो गए सस्पेंड सूत्रों के अनुसार फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल 31 जनवरी को रिटायर होने वाले है, लेकिन उनके रिटायर होने से पहले ही सस्पेंड होने के ऑर्डर जारी हो गए। हालांकि सस्पेंड अवधि के दौरान निर्वाह भत्ता उन्हें दिया जाएगा।
रोहतक रहेगा डॉ. धत्तरवाल का मुख्यालय डॉ. सुरेश कुमार धत्तरवाल का सस्पेंड अवधि के दौरान मुख्यालय रोहतक ही रहेगा। वह किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय को नहीं छोड़ सकेंगे। सस्पेंड की इन पाबंदियों का डॉ. धत्तरवाल को पालन करना होगा वर्ना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।