गोंडा4 मिनट पहले
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गोंडा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बीते 23 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। सूची जारी होने के बाद लोगों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। गोंडा जिले के 16 विकास खंडों में मतदाता सूची को लेकर 48,000 से अधिक दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है। इन सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 6 जनवरी तक गोंडा में किया जाना है। इसे लेकर गोंडा की जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन और सहायक निर्वाचन अधिकारी नारायण ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
गोंडा जिले की चारों तहसीलों में तैनात लेखपालों को दावों और आपत्तियों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक लेखपाल को 300 से लेकर 500 दावों और आपत्तियों की जांच करनी होगी। सदर तहसील क्षेत्र के लेखपालों को 500 से अधिक दावों और आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी मिली है, जिससे उन्हें कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सदर तहसील में तहसीलदार मनीष कुमार के नेतृत्व में लेखपालों को दावे व आपत्तियों की जांच का कार्य सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि लेखपाल घर-घर जाकर दावों व आपत्तियों का निस्तारण करेंगे। इस प्रकार, लेखपाल स्तर पर निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद, अभी भी कुछ लोग दावे व आपत्तियां लेकर तहसील पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि बीएलओ की लापरवाही के कारण उनका नाम सूची से कट गया है। बीएलओ का दावा है कि डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन के दौरान संबंधित व्यक्ति द्वारा आधार प्रस्तुत न करने के कारण उनका नाम सूची से हटाया गया है।

वहीं गोंडा सदर एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि दावे व आपत्तियों की जांच शुरू हो गई है छह जनवरी तक जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जांच में जो भी दावे और आपत्तियां सही पाई जाएगी उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जिन लोगों के नाम गलत मतदाता सूची में शामिल हैं उनके नाम काटे भी जाएंगे। पूरी निष्पक्ष तरीके से गोंडा में दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा किसी को भी शिकायत का मौका नहीं देना है ऐसा निर्देश हमारे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया है।