पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. कुमार शर्मा।
हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (HTET)-2024 के रिजल्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और स्कूल शिक्षा बोर्ड (BSEH) के चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार शर्मा आमने-सामने आ गए हैं। दुष्यंत चौटाला ने HTET रिजल्ट को लेकर घोटाले के
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हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने दुष्यंत द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष का काम ही हर मुद्दे पर विपरीत बयान देना होता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह भी घोषित नहीं किया है कि HTET-2024 में कितने परीक्षार्थी सफल हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि विपक्ष को यह जानकारी आखिर कहां से मिल गई कि इतने अभ्यर्थी पास हुए हैं।

हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड
चेयरमैन ने कहा कि इसके साथ जिस प्रकार के प्रमाणों की बात वे करते हैं, ऐसा कुछ भी कहीं भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास ओएमआर सीट का स्कैन फॉर्म में सुरक्षित है। यह हमेशा के लिए सुरक्षित रहता है। आने वाले पांच, सात या दस साल में भी यदि कोई इस रिकॉर्ड को देखना चाहे तब भी देख सकता हैं।
किसी प्रकार की ऐसी संभावना नहीं होती है। दुष्प्रचार नहीं करना चाहिए। इससे ना केवल समाज में गलत संदेश जाता है, बल्कि जो कर्मचारी-अधिकारी इस प्रकार के कार्यों में जिम्मेदारी के साथ जुड़े होते हैं। उनके भी आत्मसम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुंचती है।

शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा।
दुष्यंत चौटाला ने बताया था घोटाला
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि HTET पेपर का जो रिजल्ट घोषित किया गया। उसकी आंसर सीट को डिस्ट्रॉय किया गया। यह अपने आप में संदिग्ध परिस्थितियों में यह साबित करता है कि बहुत गड़बड़ घोटाला इसमें है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मैं तो मांग करता हूं कि मुख्यमंत्री इस पर जवाब दें और क्या सरकार की ओर से इस मामले पर कदम लिया जाएगा। वह जनता को बताने का काम करें। क्योंकि 1250 चुनिंदा (चिह्नित) लोगों को फायदा पहुंचाया गया।
यह अपने आप में बड़ी अनियमितता है। हम एक-एक तथ्य पर पार्टी की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए हर बिंदू को रखने का काम करेंगे। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो जेजेपी की लीगल सेल की ओर से पीआईएल के माध्यम से कोर्ट में जाना पड़ा तो जाएंगे।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला
चौटाला ने कहा कि 2013 में जब एचसीएस की भर्ती में अनियमितता आई थी, तो भूपेंद्र हुड्डा की सरकार ने कोर्ट में एफिडेविट देकर 2 साल बाद आंसर सीट को जलाया था। यह हैरानी की चीज है कि तीन महीने पहले आपने आंसर सीट को जला दिया।
यह साफ दिखता है कि जो अनियमितताएं पकड़ी जाती, उनको छुपाने के लिए कदम उठाया। अगर मुख्यमंत्री चुप है तो उन पर दबाव तो दर्शाता है। साथ ही किसी दबाव में ही ऐसे व्यक्ति को चेयरमैन पद पर बैठाने का काम किया।
करीब 47 हजार अभ्यार्थी हुए थे पास
HTET-2024 के तीनों लेवल में कुल 14% परीक्षार्थी ही पास हुए हैं। पिछली बार साल 2023 में परीक्षा हुई थी। तब भी रिजल्ट करीब 14% रहा था। हालांकि तब ग्रेस मार्क्स भी मिले थे। इस बार 3.31 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से करीब 47 हजार को सफलता मिली है।
वहीं 101 दिन बाद नतीजे आए। लेवल-1 यानी प्राइमरी टीचर व लेवल-2 यानी ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर में क्रमशः 16.2 व 16.4% विद्यार्थी सफल हुए। जबकि लेवल-3 यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर की परीक्षा में सिर्फ 9.6 प्रतिशत को ही सफलता मिली।
