जी राम जी बिल को लेकर प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया के सामने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए ग्रामीण रोजगार को कानूनी गारंटी मिली है, जिससे गांवों में आर्थिक मजबूती आए
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सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अब तक मनरेगा के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 100 दिन की रोजगार गारंटी मिलती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों को अधिक दिनों तक काम मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर हाथ को काम और हर परिवार को सम्मानजनक आजीविका मिले।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही सर्किट हाउस में बैठक किया।
मंत्री ने बताया कि मनरेगा के कार्यों के स्वरूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले इस योजना के तहत केवल मिट्टी से जुड़े कार्य कराए जाते थे, लेकिन अब इसके दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है। अब नाले-नालियों का निर्माण, आरसीसी सड़कों का निर्माण, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था, बाढ़ और अन्य आपदाओं से बचाव से जुड़े कार्य भी कराए जा सकेंगे। इसके साथ ही ग्राम प्रधान चाहें तो अपने गांव में बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी इस योजना के तहत करा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब नियमों में बदलाव कर परमानेंट एसेट बनाने की व्यवस्था की गई है। इससे गांवों में टिकाऊ विकास होगा और लंबे समय तक उपयोग में आने वाली सुविधाएं तैयार होंगी।
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि मजदूरों को अब पूरे 125 दिन काम की गारंटी मिलेगी और मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह किया जाएगा। यदि किसी कारण से भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा कृषि कार्यों के समय 60 दिन का ब्रेक भी मिलेगा, ताकि खेती-किसानी पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।
मंत्री ने कहा कि जी राम जी बिल से रोजगार सृजन बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों का जीवन स्तर पहले से कहीं अधिक बेहतर और खुशहाल बने
लगा।