ayodhya. The fear of Pankaj’s murder and kidnapping turned out to be false. | झूठी निकली पंकज की हत्या और अपहरण की आशंका: SSP की तत्परता, सर्विलांस टीम और एसओजी के सहयोग से जपपुर से बरामद किया गया – Ayodhya News

Actionpunjab
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अयोध्या के पूराकलंदर पुलिस और एसओजी टीम ने सर्विलांस टीम के सहयोग से पंकज पांडेय को जयपुर से बरामद कर लिया है।

अयोध्या के पूरा कलंदर थाने से गत 31 दिसंबर को गायब हुआ युवक एसएसपी फैजाबाद की सक्रियता और सर्विलांस टीम के सहयोग से ,एसओजी और पूरा कलंदर पुलिस ने तत्परता से बरामद कर लिया गया है। पीड़ित परिवार द्वारा पंकज पांडे की हत्या अथवा अपहरण की आशंका जताए जाने

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पंकज पांडेय के परिवार ने उसके अपहरण अथवा हत्या की आशंका जताई थी।

पंकज पांडेय के परिवार ने उसके अपहरण अथवा हत्या की आशंका जताई थी।

पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के गंगोली का पुरवा का रहने वाला 30 वर्षी युवक पंकज पांडे दिल्ली में नौकरी करता था। पिछले करीब 6 माह से घर पर रहता था। 31 दिसंबर को वह अपने घर से गायब हो गया और मोबाइल उसने अपने घर पर ही छोड़ दी थी।पीड़ित भाई मनोज पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी।

इस बीच सर्विलांस टीम को पंकज कर के कार की लोकेशन गाजियाबाद पहुंचने की मिली। गाजियाबाद टोल प्लाजा पर उसकी लोकेशन पुलिस को टोल प्लाजा की ऑनलाइन रसीद कटते ही मिल गई। सर्विलांस टीम को युवक की भनक लगने के बाद और वह सतर्क हो गई। पंकज पांडे ने अपनी कार गाजियाबाद में ही छोड़ दी और यहीं पर एक नया मोबाइल और सिम फोन ले लिया।

बस उसकी इतनी सी चूक से पुलिस ने उसका पता लगा लिया। दूसरी और पंकज पांडे ने अपनी कार गाजियाबाद में छोड़ दी और वह ट्रेन से जयपुर चला गया। इस बीच पूरा कलंदर थाने की पुलिस जयपुर पहुंच गई और उसने सर्विलांस टीम के सहयोग से युवक को जयपुर से बरामद कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पंकज पांडे को बरामद करने के मामले में सर्विलांस टीम और पूरा कलंदर थाना पुलिस को बधाई दी है। बताते चलें कि अयोध्या जिले के पूरा कलंदर थाने में पीड़ित भाई मनोज पांडे ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित परिवार का आरोप था कि या तो उसके भाई की हत्या कर दी गई है या तो उसका अपहरण कर लिया गया है। पूरा कलंदर थाना के प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि यह प्रकरण बहुत ही जटिल था पर सर्विलांस टीम की सहयोग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर की तत्परता से इसका खुलासा जल्दी हो सका।

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