Living only for ourselves is wrong, we should give something back to the society: Vice President | सिर्फ अपने लिए जीना गलत है, हमें समाज को कुछ वापस देना चाहिए : उपराष्ट्रपति – Jalandhar News

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एलपीयू में शुक्रवार को 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान यूनाइटेड किंगडम की पूर्व प्रधानमंत्री मैरी एलिजाबेथ ट्रस को डॉक्टरेट मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

इस मौके उपराष्ट्रपति ने ग्रेजुएट छात्रों को बधाई देते हुए दीक्षांत समारोह को एक संतुष्टि का क्षण बताया। जो एक साथ जिम्मेदारी को भी बढ़ाता है – न केवल ग्रेजुएट्स के लिए, बल्कि माता-पिता, स्टाफ सदस्यों और संस्थानों के लिए भी जो युवा दिमागों को आकार देते हैं। इसी के साथ उन्होंने मेड-इन-इंडिया उत्पादों को अपनाने के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली एलपीयू की पहलों की सराहना की।

उन्होंने स्नातकों से ईमानदारी, विविधता, करुणा और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया, इस बात पर जोर देते हुए कि “अपने लिए जीना गलत नहीं है, लेकिन सिर्फ़ अपने लिए जीना गलत है। हमें समाज को कुछ वापस देना चाहिए”। इसी के साथ छात्रों से न केवल खुद नशीली दवाओं को अस्वीकार करने, बल्कि अपने साथियों को भी इस जाल में फंसने से रोकने का आग्रह किया। वहीं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें याद दिलाया कि शिक्षा सिर्फ़ अकादमिक उपलब्धि तक ही सीमित नहीं, बल्कि इसमें चरित्र निर्माण, मूल्यों और नागरिक ज़िम्मेदारी का भी महत्व है।

संसद मेंबर व एलपीयू के फाउंडर चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति के साथ-साथ प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यक्तियों की मेजबानी करने पर खुशी ज़ाहिर की। डॉ. मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि एलपीयू में शिक्षा सिर्फ डिग्रियों तक ही सीमित नहीं है। इसी के साथ यूनाइटेड किंगडम की पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा भारत उभरती हुई वैश्विक व्यवस्था को आकार देने वाली एक केंद्रीय शक्ति है। इसी के साथ जोखिम लेने और इनोवेशन के महत्व पर ज़ोर देते हुए, ग्रेजुएट छात्रों को स्थापित प्रणालियों को चुनौती देने, असफलताओं से सीखने और दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस समारोह में 2023- 2024 और 2024-2025 के रेगुलर, ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन कार्यक्रमों के 50,000 से ज़्यादा छात्रों को डिग्रियां दी गई। इसी के साथ यूनिवर्सिटी ने 320 छात्रों को अकादमिक पदक प्रदान किए, 37 स्वर्ण पदक विजेता शामिल हैं, जबकि 861 पीएचडी रिसर्चर को उनके शोध योगदान, दृढ़ता और अकादमिक कठोरता के लिए सम्मानित किया गया। इस दीक्षांत समारोह में लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल, वाइस-चेयरमैन नरेश मित्तल, प्रो-चांसलर डॉ. कर्नल रश्मि मित्तल, पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत और एलपीयू के डायरेक्टर जनरल एच.आर. सिंगला भी शामिल हुए ।

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