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जयपुर | आरसीए में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आरसीए एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डीडी कुमावत की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। इसमें सीनियर व जूनियर सलेक्शन कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिन्हा पर वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आ
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जांच कमेटी में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी, बांसवाड़ा क्रिकेट संघ के सचिव सुशील जैन और सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट संघ के कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल को शामिल किया गया है। जब तक जांच चल रही है तब तक सिन्हा आरसीए में किसी भी पद पर नहीं रह सकते।
भास्कर खास
पत्र में सिन्हा पर ये आरोप लगाए
1. वित्तीय अनियमितताएं कर खिलाड़ी टीम में शामिल किए।
2. आरसीए के समक्ष झूठे तथ्य प्रस्तुत किए।
3. सिन्हा के खिलाफ विभिन्न शिकायतें और ऑडियो हैं।
4. खुद की क्रिकेट एकेडमी चलाने के भी आरोप लगाए।
5. सलेक्टर के रूप में उनके पांच साल पहले ही पूरे हो गए।
ऑब्जर्वेशन कमेटी में किया गया सिन्हा को शामिल
इस बीच एडहॉक कमेटी के 3 अन्य सदस्यों ने एक ऑब्जर्वेशन कमेटी बनाई है। इसमें अनिल सिन्हा को भी शामिल किया गया है। यह कमेटी सलेक्शन पर नजर रखेगी। इसके अलावा जाकिर हुसैन और प्रमोद यादव भी इस कमेटी के सदस्य चुने गए हैं। जब इस बारे में अनिल सिन्हा से पूछा तो उन्होंने कहा, हां-मुझे जानकारी तो मिली है लेकिन इस संबंध में किसी तरह का कोई पत्र अभी तक नहीं मिला है। अब यहां सवाल यह उठता है कि क्या जिस व्यक्ति के खिलाफ जांच लंबित है, उसे किसी अन्य कमेटी में शामिल किया जा सकता है क्या? इससे पहले भी एक 5 सदस्यीय ऑब्जर्वेशन कमेटी बनी थी।