Uttar Pradesh Prayagraj Magh Mela Mahakumh harsha rizharia announced that she is leaving the path of sanatan Update Video | महाकुंभ वाली हर्षा रिछारिया धर्म की राह छोड़ेंगी: बोलीं-लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना आसान, सीता नहीं हूं, जो अग्नि परीक्षा दूं – Prayagraj (Allahabad) News

Actionpunjab
7 Min Read


हर्षा रिछारिया महाकुंभ के दौरान पहली बार चर्चा में आई थीं।

महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोमवार को वीडियो जारी कर कहा, ‘महाकुंभ 2025 से शुरू हुई कहानी अब खत्म हो रही है।

.

इस एक साल में मैंने बहुत सारे विरोध का सामना किया है। अब मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते को छोड़ूंगी और अपने पुराने प्रोफेशन में जाऊंगी। किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठना आसान नहीं है, लेकिन मैं सीता नहीं हूं कि जो अग्नि परीक्षा दूं।’

हर्षा रिछारिया अभी प्रयागराज माघ मेले में हैं। इस बार वह अपने भाई दीपक के साथ पहुंची हैं।

हर्षा रिछारिया 2 दिन पहले माघ मेले में अपने भाई के साथ आई हैं।

हर्षा रिछारिया 2 दिन पहले माघ मेले में अपने भाई के साथ आई हैं।

भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दे सकते हैं-

हर्षा रिछारिया ने क्या कुछ कहा, 4 पॉइंट में पढ़िए-

1- ‘मुझे बार-बार रोका गया, मनोबल तोड़ा गया’ हर्षा ने कहा- जय श्रीराम। एक साल में मैंने बहुत ज्यादा विरोध का सामना किया। यह विरोध प्रयागराज से शुरू हुआ। मुझे लगा था कि महाकुंभ होने के बाद यह सब खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने धर्म के रास्ते पर चलने की कोशिश की।

मैंने कोई गलत काम नहीं किया। न चोरी की, न कोई अनैतिक कार्य किया, न किसी के साथ अन्याय किया। फिर भी, जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास किया, मुझे बार-बार रोका गया, मेरा मनोबल तोड़ा गया।

2- ‘मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं…’ हर्षा ने कहा- लोगों को लगा था कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कमा रही हूं। मगर ऐसा नहीं है। जो लोग आज धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, उनके बीच मैं आज कर्ज में डूबी हुई हूं। पहले मैं एंकरिंग कर रही थी और मुझे अपने प्रोफेशन पर गर्व था। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं अपना काम बहुत अच्छे से कर रही थी और उसमें खुश थी।

हर्षा रिछारिया ने वीडियो जारी करके धर्म की राह छोड़ने का ऐलान किया है।

हर्षा रिछारिया ने वीडियो जारी करके धर्म की राह छोड़ने का ऐलान किया है।

3- ‘मैं बेहद हताश हो गई हूं…’ हर्षा रिछारिया ने कहा- मैं देश से ज्यादा विदेशों में काम कर रही थी और अच्छा पैसा कमा रही थी। लेकिन यहां आने के बाद मेरे पास सिर्फ उधारी रह गई और कुछ भी नहीं बचा। सबसे दुखद बात यह है कि आज मेरे साथ कोई खड़ा नहीं है।

मैं आज यह सब इसलिए कह रही हूं, क्योंकि पिछले एक साल में मैंने जो भी करने की कोशिश की, उसे रोका गया, उसका विरोध किया गया और उसे तोड़ा गया। माघ मेले में भी मेरे साथ यही हुआ, जिससे मैं बेहद हताश हो गई।

मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया, जिसकी वजह से मेरा विरोध किया जाए। लेकिन शायद हमारे देश में किसी लड़की का विरोध करना, उसका मनोबल तोड़ना और उसके चरित्र पर सवाल उठाना बहुत आसान है।

4- ‘मैंने कई परीक्षाएं दीं, लेकिन अब बहुत हो गया’ पिछले एक साल में जितनी परीक्षाएं देनी थीं, मैंने दे दीं। अब बहुत हो गया। इस मौनी अमावस्या पर, माघ मेले में मैं स्नान करूंगी और उसी स्नान के साथ धर्म के मार्ग पर चलने का जो संकल्प लिया था, उसे पूर्ण विराम दूंगी। मैं वापस अपना पुराना काम करूंगी, वह काम जिसमें न कोई विरोध था, न चरित्र पर आक्षेप।

अगर कोई युवा या कोई बहन मुझसे कहेगी कि उसे धर्म से जुड़ना है, धर्म के रास्ते पर चलना है, तो मैं बस यही कहूंगी- अपने परिवार के साथ जुड़कर रहो, अपने घर के मंदिर में पूजा करो। इसके अलावा किसी के पीछे मत जाओ।

यह तस्वीर प्रयागराज महाकुंभ के समय की है। जब निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर सवार थीं। इसके बाद ही चर्चा में आई थीं।

यह तस्वीर प्रयागराज महाकुंभ के समय की है। जब निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर सवार थीं। इसके बाद ही चर्चा में आई थीं।

जानिए कौन हैं हर्षा प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े के पेशवाई के रथ पर बैठने पर हर्षा रिछारिया चर्चा में आईं थीं। पेशे से मॉडल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का साध्वी रूप देखकर संत समाज के लोगों ने आपत्ति जताई थी। मामले को तूल पकड़ता देख उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया था।

रोते हुए उन्होंने मीडिया सुसाइड की धमकी भी दी थी। रिछारिया का परिवार मूलत:उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश बस कंडक्टर और मां किरण रिछारिया बुटीक चलती हैं। एक भाई कपिल भी है जो प्राइवेट जॉब करता है, पूरा परिवार मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है। हालांकि, हर्षा उत्तराखंड में रहती हैं। हर्षा पीले वस्त्र, रुद्राक्ष माला और माथे पर तिलक धारण करती हैं। वह आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं।

वायरल हुईं तो एक दिन बढ़े थे 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर महाकुंभ में वायरल होने से पहले हर्षा रिछारिया के इंस्टाग्राम पर करीब 6.67 लाख (667K) फॉलोअर्स थे, जो एक ही दिन (14 जनवरी 2025) में बढ़कर 1 मिलियन (10 लाख) से अधिक हो गए। यानी उन्हें एक दिन में 3.33 लाख से ज्यादा नए फॉलोअर्स मिले थे। महाकुंभ खत्म होने तक इनके फॉलोअर्स 15 लाख हो गए थे। अब इनके करीब 17 लाख फॉलोअर्स हैं।

———————– हर्षा रिछारिया से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें

हर्षा रिछारिया बोलीं- सनातन धर्म मानने वाला होगा मेरा दूल्हा:कौशांबी में कहा- एक्टर-मॉडल को जीवनसाथी नहीं बनाऊंगी; अब जिंदगी सुकून दे रही

सनातन प्रचारक हर्षा रिछारिया ने कौशांबी में कहा कि उनका होने वाला जीवनसाथी एक्टर या मॉडल नहीं होगा। वह सनातन धर्म काे मानने वाला होगा। शादी को लेकर परिवार का कोई दबाव नहीं है। उनका सपोर्ट और प्यार हमेशा मिला है। पढ़िए पूरी खबर

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *