इरफान खान पठान | महोबा4 मिनट पहले
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महिला ने न्याय की गुहार लगाई है।
महोबा जिले में बालू चोरी के आरोप में एक अनुसूचित जाति की महिला को लगभग 5.81 लाख रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस जारी किया गया है। पीड़िता ने इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय का रुख किया है।
यह मामला महोबा की कुलपहाड़ तहसील के ग्राम स्योढी का है। यहां की निवासी पानादेवी ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि पर उन्होंने लाही (सरसों) की फसल बोई है। खेत की सुरक्षा के लिए उन्होंने तारबंदी भी कराई है।
पानादेवी का आरोप है कि उनके खेत की मेड़ में प्राकृतिक रूप से बालू जमा थी, जिसे कुछ लोग पुलिस की शह पर रात के अंधेरे में चोरी-छिपे निकाल ले गए। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की, तो उन्हें मदद के बजाय प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

महिला ने न्याय की गुहार लगाई है।
इसके बजाय, तहसील लेखपाल ने मौके पर जाकर वीडियो बनाया और कथित तौर पर गलत तथ्यों के आधार पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम कुलपहाड़ द्वारा की गई जांच में पानादेवी को ही दोषी मान लिया गया।
इसके बाद खनिज विभाग ने पानादेवी को 5 लाख 81 हजार रुपये जमा करने का नोटिस जारी कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने न तो बालू बेची है और न ही कभी खनन करवाया है। उनका दावा है कि वे खुद खनन माफियाओं की चोरी का शिकार हुई हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें ही अपराधी बना दिया है।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची पानादेवी ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि उनके पति लंबे समय से बीमार रहते हैं। घर में आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी बेटी की शादी भी नहीं कर पा रही हैं। उनका इकलौता पुत्र बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है। ऐसे में लगभग 6 लाख रुपये का यह जुर्माना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और बेगुनाह होने के नाते उन पर की गई रिकवरी (वसूली) को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।