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विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में नामों पर आपत्ति दर्ज कराने के मामले में विवाद खड़ा हाे गया है। अलवर समेत कई जिलाें में अलग -अलग तरह के विवाद सामने आए हैं। उधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एसआईआर में गड़बड़ी का दावा किया है। इनका कहना है कि भाजपा ने रातोरात हजारों फॉर्म जमा करा दिए हैं। बीजेपी ने 14 जनवरी को फर्जी हस्ताक्षर करके हर एसडीओ स्तर पर अचानक हजारों नाम जोड़ने और हटाने के लिए फॉर्म जमा करवाए हैं। ये फॉर्म बीजेपी दफ्तर से भरवाए गए हैं और इनमें मोबाइल नंबर भी नहीं हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में एक हजार से लेकर सात हजार तक फॉर्म रातोरात पहुंचे हैं। सीकर: कलेक्टर से शिकायत, समाज विशेष के नाम हटा रहे
सीकर में जिला कांग्रेस ने भाजपा और प्रशासन पर जिंदा लोगों को मृत बताने का आरोप लगाया है। मामले में कलेक्टर को ज्ञापन देकर शिकायत की है। पीड़ितों के साथ ज्ञापन में दावा किया है कि सभी कागजात देने के बाद भी भाजपा के बूथ लेवल एजेंट के निर्देश पर समाज विशेष के व्यक्तियों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। अलवर: नाम हटवाने के 25 हजार फॉर्म की सूचना पर कांग्रेस का हंगामा अलवर के मिनी सचिवालय में अलवर ग्रामीण विस क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के 20 से 25 हजार फॉर्म रखे मिले। सूचना पर गुरुवार सुबह खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष सहित कांग्रेस के कई नेता-कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। इसी बीच, रिटर्निंग अधिकारी के चेंबर में काम करने वाले कर्मचारी गुपचुप निकल गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक-एक व्यक्ति के नाम से करीब 400 से 500 आपत्ति फॉर्म मिले हैं। यानी, एक ही व्यक्ति ने 500 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आवेदन किया है। हैरानी की बात यह है कि फॉर्म में एक जैसी लिखावट है। आपत्ति दर्ज कराने वाले के मोबाइल नंबर तक नहीं हैं। फॉर्म आधे कम्प्यूटराइज्ड हैं और सीरियल नंबर दिए हुए हैं। एक ही स्याही का उपयोग हुआ है। अचानक फॉर्म कहां से आए, यह कोई नहीं बता रहा। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि आपत्ति की जांच कराएंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव बताया कि साहून व रमजान आदि नाम से आपत्ति फॉर्म आए हैं। चित्तौड़गढ़: कांग्रेस का आरोप-MLA के इशारे पर फर्जी आपत्तियां पेश की जा रहीं चित्तौड़गढ़ में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीएलओ काे घर बुलाकर नाम काटे जा रहे हैं। आक्या के इशारे पर सही नामों को काटने की साजिश है। फर्जी आपत्तियां पेश हो रही हैं। जिनकी 3 पीढ़ी वोट देती आ रही है, ऐसे परिवारों के नाम काटने के साजिश हो रही है। कोटा: कांग्रेसियों को चिह्नित कर नाम काटे जा रहे, कलेक्टर से शिकायत की कोटा में कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में बीएलओ से नाम कटवाए जा रहे हैं। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम व अन्य ने कलेक्टर पीयूष समारिया को ज्ञापन सौंपा है। आरोप है कि कांग्रेस वोटर्स को चिह्नित कर नाम काटे जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग काे विवाद का अंदेशा था; 6 दिन से आंकड़े जारी नहीं किए प्रदेश में मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने पर विवाद की आशंका केंद्रीय निर्वाचन आयोग काे पहले से था। ऐसे में आयोग ने 9 जनवरी के बाद वोटर लिस्ट से नाम कटने आंकड़े जारी ही नहीं किए हैं। उधर, पार्टीवार नाम कटवाने के आंकड़ों पर बात करें ताे बीजेपी ने 4 और कांग्रेस ने 2 ही वोटरों के नाम कटवाए हैं। बीजेपी ने 201 और कांग्रेस ने 185 नाम ऑफिशियल रूप से 9 जनवरी तक जुड़वाए हैं। भारतीय आदिवासी पार्टी ने 2 नाम जुड़वाए हैं। 44109 वोटरों के नाम प्रदेशभर में आपत्ति के बाद मतदाता सूची से हटेंगे, अभी प्रक्रिया जारी है। (निर्वाचन आयोग के आंकड़े 9 जनवरी 2026 तक के हैं )
वोटरो के नाम कटवाने पर विवाद:अलवर में 1 नाम से 500 आपत्ति, सीकर में जिंदा को मृत बताया, चित्तौड़ में भी शिकायत
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