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स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला व पूर्व सीएम के साथ स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर अनमोल चंद और आरीफ।
हरियाणा में सरकार ने सीएससी सेंटर संचालकों पर सख्ती शुरू कर दी है। अब सीएससी सेंटर के वीएलई (ग्राम स्तरीय उद्यमी) को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत वेरिफिकेशन नहीं कराने पर सीएससी आईडी बंद क
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रेवाड़ी जिले में वेरिफिकेशन नहीं कराने वाले 160 सीएससी सेंटरों की आईडी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। सरकार इससे पहले सीएससी सेंटरों से परिवार पहचान पत्र और सरल केंद्र से जुड़े हरियाणा सरकार के कार्य वापस लेकर सीआरआईडी को सौंप चुकी है।
हरियाणा में वर्तमान में करीब 4 हजार सीएससी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जबकि रेवाड़ी जिले में इनकी संख्या लगभग 250 है। इनमें से 160 सीएससी सेंटरों ने अब तक आवश्यक वेरिफिकेशन नहीं कराया था, जिसके चलते उनकी आईडी बंद की गई है। सीएससी सेंटर संचालकों के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और वीएलई वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
CRID संभाल रही कमान
प्रदेश सरकार योजनाओं से संबंधित काम पहले ही नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को सौंप चुकी है। जिसके लिए गांव स्तर से जिला स्तर पर तैनाती की गई है। गांव में सीपीएलओ की तैनाती की गई है।
गांव के बाद खंड और जिला स्तर पर तैनाती की गई है। गांव का व्यक्ति सीधे खंड या जिला स्तर पर नहीं जा सकता। सीएससी सेंटर संचालक पीपीपी और सरल (हरियाणा सरकार) की योजनाओं के लिए केवल आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें फाइनल अप्रूवल सीपीएलओ से ही मिलेगी।
स्वयं घर बैठे कर सकते हैं काम
हरियाणा सरकार के परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया अब प्रदेश के नागरिक फैमिली आईडी और सरल केंद्र से जुड़े सभी काम खुद घर बैठकर कर सकते हें।
सीएससी सेंटर से इनका काम वापस लिया जा चुका है। ऑनलाइन पोर्टल meraparivar.haryana.gov.in तथा saralharyana.nic.in पर सिटिजन और फैमिली आईडी से संबंधित काम स्वयं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नई फैमिली आईडी बनवाने, उसमें करेक्शन कराने, सदस्यों का विवरण अपडेट करने अथवा अन्य संबंधित सेवाओं के लिए सिटिजन आईडी के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट मैनेजर के सख्त निर्देश
स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर अनमोल चंद और आरीफ ने सभी वीएलई को सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सीएससी सेंटर वीएलई का पुलिस करेक्टर सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। यदि किसी वीएलई का पीसीसी नहीं होगा उस सेंटर की आईडी को बंद कर दिया जाएगा।
कॉमन सर्विस सेंटर केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत संचालित किए गए हैं। सीएससी के माध्यम से सरकारी और निजी क्षेत्र की कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
रेवाड़ी में 160 सीएससी आईडी बंद
सीएससी जिला प्रबंधक जगदीप यादव ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले सीएससी केंद्रों पर कार्रवाई की जा रही है। जिला में अब तक 160 सीएससी आईडी को अस्थाई रूप से बंद किया गया है। इन केंद्रों में कॉमन ब्रांडिंग, रेट चार्ट, पुलिस वैरिफिकेशन, अधिकृत बैनर व आवश्यक दस्तावेजों की न होने के कारण सीएससी के तय नियमों का उल्लंघन किया।