![]()
जौनपुर में अनियमित जमा योजनाओं (पोंजी स्कीम) के पीड़ितों को उनका पैसा वापस न मिलने के विरोध में ‘ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार’ संगठन ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर भुगतान की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार बिंद ने बताया कि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित इन योजनाओं ने ‘अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम 2019’ (BUDS Act) और राज्य के ‘जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम’ का उल्लंघन किया है। इन योजनाओं के तहत ठगी के शिकार हुए जमाकर्ताओं के पैसे वापस करने की जिम्मेदारी सक्षम और सहायक सक्षम अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (राजस्व एवं वित्त) को जमाकर्ता हित संरक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी को सक्षम अधिकारी बनाया गया है। इनका मुख्य कार्य ठगी पीड़ितों से आवेदन प्राप्त कर उनके जमाधन के भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। ‘ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार’ (TAPJP) संगठन इन कानूनों के अनुपालन और पीड़ितों के समुचित भुगतान की मांग को लेकर लगातार सत्याग्रह कर रहा है। कई जिलों में सरकार ने भुगतान आवेदन के लिए विशेष पटल (विंडो) खोले हैं, जहां अधिकारी पीड़ितों के आवेदन स्वीकार कर रहे हैं। पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी स्थापित किया गया था, जो फिलहाल बंद है।उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में BUDS Act 2019 और PID Act 2016 के तहत भुगतान विंडो खोल दिए गए हैं और पूर्व में जमा किए गए आवेदन पत्रों पर त्वरित कार्रवाई भी शुरू हो गई है। हालांकि, जौनपुर जिले में स्थिति अलग है। जिलाधिकारी जौनपुर को बार-बार लिखित ज्ञापन देने के बावजूद न तो अभी तक कोई भुगतान विंडो खोली गई है और न ही दो साल पहले जमा हुए 2 लाख आवेदन पत्रों पर कोई कार्रवाई हुई है। इस कारण पीड़ित जमाकर्ताओं को उनका भुगतान नहीं मिल पाया है। जिन निवेशकों ने अभी तक अपना भुगतान आवेदन जमा नहीं किया है, वे दर-दर भटक रहे हैं और अभिकर्ताओं पर अनुचित दबाव बना रहे हैं। इस स्थिति के कारण अभिकर्ताओं और जमाकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया है।
जौनपुर में 2 लाख जमाकर्ताओं का भुगतान अटका:2 साल से आवेदन लंबित, प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप
Leave a comment