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रूपनगर जिले में पुलिस ने अवैध खनन और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसएसपी रूपनगर मनींदर सिंह ने प्रेस को बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और डीजीपी पंजाब श्री गौरव यादव के दिशा-निर्देशों तथा डीआईजी रूपनगर रेंज सरदार नानक सिंह के मार्गदर्शन में की गई। बता दे कि पुलिस को माइंस एंड जियोलॉजी विभाग, पंजाब से सूचना मिली थी कि कुछ लोग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आरोपियों ने “माइंस एंड जियोलॉजी पंजाब” के नाम से एक फर्जी पोर्टल बनाया। सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान इसके जरिए जाली QR फॉर्म जनरेट किए गए, जिनका उपयोग खनन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और क्रशर संचालकों से अवैध रूप से पैसे वसूलने के लिए किया जा रहा था। इस धोखाधड़ी से सरकार को करोड़ों रुपए की वैध रॉयल्टी का नुकसान हुआ।इस मामले में थाना नंगल में 16 जनवरी 2026 को एफआईआर नंबर 14 दर्ज की गई थी। लैपटॉप, मोबाइल फोन बरामद जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले सरना, गढ़शंकर के रहने वाले ट्रांसपोर्टर रण कुमार उर्फ राणा को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नोनू भल्ला (भरतगढ़), गुरमीत सिंह (सरसा, नंगल) और मुख्य आरोपी खिलेश प्रताप शाही (गोरखपुर) को भी पकड़ा गया। मुख्य आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। फर्जी पोर्टल के जरिए ठगी एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपियों ने फर्जी पोर्टल के माध्यम से सैकड़ों लोगों को ठगा और उनसे बड़ी रकम वसूली। इस संबंध में BNS की धाराएं 318(4), 336(2), 336(3), 340(2), 338, 61(2) और आईटी एक्ट 2000 की धाराएं 66, 66(C), 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, माइंस विभाग के किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है और मामले की आगे की जांच जारी है।
रूपनगर में साइबर ठगी 4 आरोपी गिरफ्तार:फर्जी माइंस पोर्टल की वेबसाइट बनाकर की ठगी, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान बरामद
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