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चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण कार्यों का सीआरएस और डीआरएम ने संयुक्त निरीक्षण किया।
चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण कार्यों का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) और बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों की प्रगति, सुरक्षा मानकों और तकनीकी गुणवत्ता का बारीकी से आकलन किया गया।
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रेल संरक्षा आयुक्त और बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने चूरू, आसलू और सिरसला स्टेशनों के बीच मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैक की स्थिति, सिग्नल व्यवस्था, प्वाइंट्स, तकनीकी पहलुओं और संरक्षा मानकों की गहन जांच की। अधिकारियों ने संबंधित रेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि चूरू-दूधवाखारा रेलखंड का दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू होगा। इससे कम समय में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा, जिससे माल परिवहन क्षमता बढ़ेगी और रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी।
दोहरीकरण से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी। रेलवे अधिकारियों ने इस परियोजना को रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे इस मार्ग पर ट्रेनों की गति, संख्या और संचालन क्षमता में सुधार होगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भूपेश यादव, सीनियर टीएसटीई रण सिंह गोदारा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अंकुर झिंगोनियां, निजी सचिव धीरज थानवी सहित बीकानेर मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।