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लुधियाना में मंगलवार सुबह से बैंक कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई। शहर के अनेक सरकारी बैंको जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, यूको बैंक आदि के बाहर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार व बैंक मैनेजमेंट की नीतियों का विरोध जताया। जगह-जगह धरना, नारों से गूंजे बैंक शहर में प्रमुख स्थानों पर बैंक कर्मियों ने तख़्तियाँ उठाकर विरोध जताया। जिसमे एसबीआई चीफ़ ब्रांच,फाउंटेन चौक पीएनबी सिविल लाइन्स ब्रांच बैंक ऑफ इंडिया, घुमरमंडी बैंक ऑफ बड़ौदा, मॉडल टाउन सेंट्रल बैंक, चंडीगढ़ रोड यूको बैंक, भरत नगर चौक कर्मचारियों ने 5 दिन बैंकिंग लागू करो और कर्मचारियों पर दबाव बंद करो यूनिटी जिंदाबाद जैसे नारे लगाए। हड़ताल का असर: नकद लेन-देन और चेक क्लियरिंग पर सीधा प्रभाव सरकारी बैंक शाखाओं में आज दिनभर काउंटर बंद रहने से जिसमे नकदी निकासी चेक जमा/क्लीयरेंस,ड्राफ्ट पासबुक अपडेट जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं। निजी बैंक आंशिक रूप से खुले रहे लेकिन आम लोगों को कई जगह परेशानी हुई। डिजिटल सेवाएं चालू रही UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सामान्य रूप से चलती रहीं। अधिकारियों ने ग्राहकों को डिजिटल माध्यम अपनाने की अपील की है। धरने में शामिल यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रबंधन द्वारा कुछ बैंकों में स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर बुलाने का दबाव डाला जा रहा है जो पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है। यूनियन का दावा हड़ताल का नोटिस इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स Act 1947 के तहत कानूनी रूप से दिया गया है। यह शांतिपूर्ण और विधि-सम्मत सामूहिक कार्रवाई है। Article 19(1)(c) यूनियन बनाने और सामूहिक रूप से कार्य करने का मौलिक अधिकार देता है।पदाधिकारियों के अनुसार यह डर और घबराहट है जो प्रबंधन की कमजोरियों को दिखाता है। मुख्य माँगें 5 दिन बैंकिंग का तत्काल लागू होना बैंक कर्मचारियों पर मनमानी ड्यूटी/अतिरिक्त कार्यभार बंद किया जाए स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियाँ ट्रांसफर व प्रमोशन नीतियों में पारदर्शिता अधिकारियों पर दबाव डालकर हड़ताल तोड़ने की कोशिशों पर रोक ।
लुधियाना में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल:कई जगहों पर धरना, शाखाओं का कामकाज ठप
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