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बठिंडा नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस रिकॉर्ड रूम में 1947 से पहले के महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। आग लगने की जानकारी मिलते ही नगर निगम के मेयर पदमजीत मेहता, सीनियर डिप्टी मेयर राधेश्याम जैन और थाना कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ परविंदर सिंह मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए लगभग चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार काम कर रही थीं। यह रिकॉर्ड रूम बठिंडा म्युनिसिपल काउंसिल के समय से मौजूद है, जिसमें निगम के पुराने और अहम दस्तावेज संग्रहीत थे। इन दस्तावेजों का उपयोग निगम से जुड़े कई अदालती मामलों में किया जाता है। आग से इन महत्वपूर्ण अभिलेखों के जलने की आशंका है। रिकार्ड रुम में मौजूद था ऐतिहासिक दस्जावेज मेयर पदमजीत मेहता ने मौके पर बताया कि यह बहुत पुराना रिकॉर्ड रूम है जिसमें कई ऐतिहासिक दस्तावेज रखे हुए थे। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा, हालांकि अभी यह बताना मुश्किल है कि इसमें क्या-क्या था। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। कोतवाली थाने के एसएचओ परविंदर सिंह ने पुष्टि की कि पुलिस मौके पर मौजूद है और आग बुझाने के प्रयासों में सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड रूम में निगम के पुराने रिकॉर्ड थे, जो कमेटी के समय से यहां रखे हुए थे।
बठिंडा नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में लगी आग:1947 से पहले के दस्तावेज जलने की आशंका, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
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