![]()
राजस्थान हाईकोर्ट ने लोगों की निजी जानकारियों को बेचने और इससे हो रही साइबर ठगी पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने सरकार से कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साइबर ठगी से जुड़े मामले में कहा- कुछ सोशल मीडिया कंपनियां लोगों का डाटा बेच रही हैं और साइबर अपराधी इसका गलत इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। ऐसे में इन कंपनियों साथ ही अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा- बेगुनाह लोगों को उनकी मेहनत की कमाई डूबने से बचाने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने साइबर अपराध के आरोपी विवेक यादव और करण यादव की दूसरी बार लगाई जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश दिए। अदालत ने वित्त मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राज्य सरकार और डीजीपी सहित आरबीआई को उचित कार्रवाई करने के लिए आदेश की कॉपी भेजी है। साइबर अपराधों की शिकायत करने की प्रक्रिया आसान बनाएं
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा- साइबर अपराधों की शिकायत करने की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए, ताकि तुरंत शिकायत दर्ज हो सके और सभी जिम्मेदारों को ऐसी ठगी के शिकार लोगों के पैसे बचाने की पूरी कोशिश करनी चाहिए। आरबीआई के 6 जुलाई, 2017 के सर्कूलर के अनुसार सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को ठगी की शिकायत करने के लिए 24 घंटे सुविधा देना जरूरी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद जमानत याचिकाएं
साइबर अपराधियों की जमानत याचिकाओं में तर्क दिया गया कि मामले में अनुसंधान पूरा हो चुका है और उनके खिलाफ जांच एजेंसी ने चार्जशीट भी पेश कर दी है। करण यादव के मामले में 7 साइबर शिकायतों को लेकर उसके विभिन्न बैंक खातों से 3.16 लाख रुपए और विवेक के खिलाफ दर्ज 9 साइबर शिकायतों को लेकर 1.92 लाख रुपए उसके बैंक खातों से बरामद हुए हैं। चार्जशीट में जसराज को मुख्य आरोपी बनाया गया है। सह आरोपियों ने याचिकाकर्ताओं के बैंक खातों का उपयोग कर रकम टांसफर की है। वहीं प्रकरण की टायल पूरी होने में लंबा समय लगेगा। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। केंद्र-राज्य से साइबर अपराध पर कार्रवाई के आदेश
सरकारी वकील एसआर धाकड़ ने कहा- आरोपी विवेक के बैंक खातों से फरवरी 2024 से अगस्त, 2025 के बीच कुल 2.27 करोड़ रुपए और करण यादव के बैंक खातों से 14 लाख रुपए का लेनदेन हुआ है। ऐसे में आरोपियों को जमानत नहीं दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया कंपनियों पर हाईकोर्ट की नाराजगी:कोर्ट का आदेश- लोगों का प्राइवेट डेटा बेचने वाली कंपनियों पर कार्रवाई हो
Leave a comment