महाशिवरात्रि पर मीट की दुकानें बंद रहेगी।
उत्तराखंड के 5 जिलों में महाशिवरात्रि पर मीट की बिक्री पर रोक रहेगी। इनमें नैनीताल, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी के कई इलाके शामिल है। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान जो भी रूट पड़ेगा उन रास्तों पर मीट की दुकान बंद रखनी होगी।
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अगर कोई भी दुकानदार या लोग मीट बेचता और खरीदता हुआ दिखता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर घाटों और गंगा के किनारे सभी मांस की दुकानें बंद रहेंगी। अगर कोई बेचता और खरीदता हुआ दिखता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है।
इधर ऊधम सिंह नगर की विधानसभा काशीपुर के मेयर दीपक बाली ने शिवरात्रि के चलते पूरे शहर में 11 से 15 फरवरी तक कच्चे और पके मांस की बिक्री पर रोक लगा दी है। वहीं उत्तरकाशी में गंगा नदी के तट से 500 मीटर के दायरे में पशु वध और मांस की बिक्री प्रतिबंधित है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए मांस बेचते या खरीदते पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी

हरिद्वार- गंगा घाटों पर मांस मुक्त क्षेत्र घोषित
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा जल लेने पहुंचते हैं। आस्था की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने हरिद्वार के गंगा तटों और कांवड़ मार्ग के किनारे स्थित सभी मांस की दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है।
विशेष रूप से घाटों के समीप और संवेदनशील मार्गों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कांवड़ियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में पके या कच्चे मांस की उपलब्धता पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों।

काशीपुर- मेयर ने लगाया 5 दिनों का प्रतिबंध
ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर विधानसभा क्षेत्र में भी शिवरात्रि का उत्साह देखते ही बन रहा है। काशीपुर के मेयर दीपक बाली ने शहर की धार्मिक मर्यादा को देखते हुए 11 फरवरी से 15 फरवरी तक पूरे नगर क्षेत्र में कच्चे और पके मांस की बिक्री पर रोक लगा दी है।
मेयर के इस फैसले का उद्देश्य त्योहार के दौरान शहर में शांति और शुचिता बनाए रखना है। नगर निगम की टीमें बाजार में गश्त करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मीट की दुकानें और स्लॉटर हाउस इन पांच दिनों तक बंद रहें।
उत्तरकाशी- गंगा तट से 500 मीटर का दायरा प्रतिबंधित
पहाड़ों की बात करें तो उत्तरकाशी में भी प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। गंगा नदी (भागीरथी) के तट से 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पशु वध और मांस की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहां विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है जहां से कांवड़िए जल भरकर शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल कानून-व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही देवभूमि की परंपरा का सम्मान भी है।
पुलिस और प्रशासन का अलर्ट
इन तीनों जिलों में संबंधित प्रशासन ने पुलिस बल को सक्रिय कर दिया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक उद्घोषणा के माध्यम से दुकानदारों को सूचित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शिवरात्रि एक अत्यंत संवेदनशील पर्व है, जिसमें लाखों लोगों की आस्था जुड़ी होती है, अतः किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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