Hardeep Puri Epstein Meeting | Exotic Island Email Statement

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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हरदीप पुरी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया था। - Dainik Bhaskar

हरदीप पुरी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया था।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने आप को मूर्ख साबित कर लिया है। पुरी ने NDTV को दिए इंटरव्यू में एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।

हरदीप पुरी ने दावा किया कि जब वे काम से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से मिले थे तो उन्हें असहजता महसूस हुई थी। उन्होंने कहा- मैंने एपस्टीन से मिलने की इच्छा नहीं जताई थी। ये मुलाकातें अरेंज की गई थीं।

उन्होंने आगे कहा- दो मुलाकातों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मैं इस मामले में बेदाग हूं। उस समय तो मैं सरकार का हिस्सा भी नहीं था। इसलिए राहुल गांधी का यह कहना कि एपस्टीन फाइल्स की वजह से प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में सरेंडर कर दिया, बिल्कुल गलत है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में दावा किया था कि अमेरिका में जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी का नाम है। राहुल के आरोपों पर पुरी ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पहली बार माना था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे।

पुरी ने कहा- मुलाकात के समय एपस्टीन को नहीं जानता था

पुरी से इंटरव्यू में जब पूछा गया कि क्या आपको आपराधिक आचरण की जानकारी थी तो पुरी ने कहा- ‘मैं नहीं जानता था कि वह कौन था। मैं पहली बार एपस्टीन से एक मीटिंग में मिला था। मुझे उसके बैकग्राउंड के बारे में पता नहीं था।

पुरी ने NDTV को बताया- मैं इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गया था। उसी दौरान एपस्टीन से मिला। मैं सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलता हूं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है।

पुरी ने कहा- पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं? पुरी ने एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया।

पुरी बोले- एपस्टीन को मीटिंग का इनविटेशन नहीं था

पुरी ने कहा- राजनीति में या सार्वजनिक जीवन में, अगर मैं सरकारी अधिकारी होता, तो मैं किसी को मैसेज भेजकर पूछता, ‘क्या मुझे इस व्यक्ति से मिलना चाहिए?’ लेकिन उस समय मैं IPI के साथ काम कर रहा था।

पुरी ने कहा- हम दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे थे। हमने एपस्टीन को वहां इनवाइट नहीं किया था। IPI के डेलिगेशन के हिस्से के रूप में एपस्टीन से तीन या चार बार मुलाकात की थी। पुरी ने बताया कि एपस्टीन IPI के सदस्य भी नहीं थे।

एपस्टीन को भेजे ईमेल पर भी केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया

पुरी ने 2014 और 2015 में एपस्टीन से ईमेल पर बातचीत की थी। इनमें से एक ईमेल में उन्होंने एपस्टीन से ‘एग्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र किया था। पुरी ने लिखा था- प्लीज मुझे बताएं कि आप अपने एग्जॉटिक आइलैंड से कब वापस आ रहे हैं। मैं आपसे मिलने आना चाहूंगा, साथ ही आपको भारत में रुचि जगाने के लिए कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।

दूसरे ईमेल में एपस्टीन को जवाब देते हुए लिखा था- ‘हैव फन’। पुरी से जब इंटरव्यू में इन ईमेल पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- मैं यह मुहावरा सबके साथ इस्तेमाल करता हूं। मेरी इन बातों का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- एपस्टीन से संबंध का आरोप बेबुनियाद

पुरी ने इससे पहले बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी।

पुरी ने यह भी बताया कि वे लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से भी मिले थे, लेकिन यह मुलाकात भारत में इंटरनेट और कारोबार के अवसरों पर पेशेवर चर्चा के लिए थी।

पुरी ने साफ कहा कि इन मुलाकातों का किसी भी तरह की गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे उस समय एक निजी नागरिक के रूप में भारत के अवसरों के बारे में अपनी समझ साझा कर रहे थे।

राहुल बोले- पुरी ने अनिल अंबानी को एपस्टीन से मिलवाया

राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में एपस्टीन फाइल्स को लेकर पुरी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था- अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं कि उनको एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने मिलवाया था। उन्होंने अंबानी को एपस्टीन से मिलवाया था।

कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी

कांग्रेस ने 1 फरवरी को लगातार दूसरे दिन एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दो पोस्ट X पर शेयर की। इनमें अनिल अंबानी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच 16 मार्च 2017 को हुई चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया।

अनिल अंबानी चैट में एपस्टीन से कुशनर और बैनन (ट्रम्प के करीबी) से मुलाकात में उसकी मदद मांगते नजर आ रहे हैं। साथ ही ट्रम्प-मोदी की मुलाकात में भी एपस्टीन की हेल्प मांग रहे हैं।

खेड़ा की दूसरी पोस्ट में 24 मई 2019 को जेफ्री एपस्टीन ने स्टीव बैनन से बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट था। इसमें एपस्टीन ने बैनन से कहा है कि मोदी की मीटिंग सच में दिलचस्प थी। मोदी के ‘आदमी’ ने उसे बताया कि वॉशिंगटन (अमेरिका) में कोई भी उससे बात नहीं करता।

इससे पहले खेड़ा ने 31 जनवरी को दावा किया था कि पीएम मोदी ने मानव तस्करी, नाबालिगों के यौन शोषण और बलात्कार के दोषी जेफ्री एपस्टीन की सलाह मानी। अमेरिका के राष्ट्रपति को फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। इससे कुछ हफ्ते पहले उनकी मुलाकात हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार बोली थी- मेल में एक अपराधी की मनगढ़ंत बातें

एपस्टीन फाइल्स पर विदेश मंत्रालय का बयान भी आया था। इसमें लिखा- हमने एपस्टीन फाइल्स से जुड़े एक ई-मेल को लेकर आई खबरें देखीं, जिनमें पीएम के इजराइल दौरे का जिक्र है। जुलाई 2017 में पीएम का इजराइल जाना आधिकारिक और सच बात है। ई-मेल में इसके अलावा कही गईं बाकी बातें एक दोषी की मनगढ़ंत और बेकार बातें हैं, जिन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।

कौन था जेफ्री एपस्टीन?

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने जो दस्तावेज जारी किए हैं, उसमें अनिल अंबानी से जुड़े नए खुलासे सामने आए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें…

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