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सोनीपत कोर्ट ने रास्ते में गाड़ी खड़ी करने के विवाद में दो सगे भाइयों और उनकी मौसी को गोली मारकर घायल करने के मामले में दोषी को 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साल 2020 के मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह की कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने सजा के साथ 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
मामला क्या था
राई के गांव खेवड़ा निवासी विकास ने 27 जून 2020 को पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार वह अपनी बाइक से दुकान जाने के लिए निकले थे। गली में पड़ोसी गौरव ने अपनी कार खड़ी कर रखी थी, जिससे रास्ता संकरा हो गया था और निकलने में दिक्कत आ रही थी।
विकास ने गौरव और उसकी मां से कार हटाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। किसी तरह वह बाइक निकालकर दुकान चले गए। कहासुनी से बढ़ा विवाद
कुछ देर बाद जब विकास घर लौटे और अपनी कार निकालने लगे तो उनके बड़े भाई मोहन और मौसी सरोज ने भी गौरव से रास्ता खाली करने को कहा। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसा में बदल गया।
ताबड़तोड़ चली गोलियां
विकास के अनुसार, जब वह गाड़ी को बैक कर रहे थे तभी गोली चलने की आवाज आई। आरोप है कि गौरव ने उनके भाई और मौसी को गोली मार दी। जब विकास गाड़ी से उतरकर भागने लगे तो उनकी पीठ में भी गोली मारी गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में चला इलाज
घटना के बाद पड़ोसियों की मदद से तीनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक उनका उपचार चला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना राई में मामला दर्ज कर आरोपी गौरव को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी साबित किया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे 10 वर्ष की सजा और 12 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त छह माह की कैद भी भुगतनी होगी।
सोनीपत कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा:सड़क विवाद में फायरिंग कर तीन को घायल किया था; 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
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