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धौलपुर में पार्वती नदी के नए पुल और पुरानी रपट के बीच मेले का कचरा डाला जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि मेले के बाद बचे कचरे का उचित निस्तारण करने के बजाय उसे नदी किनारे फेंका जा रहा है। इससे नदी प्रदूषित हो रही है और आवारा गोवंश के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। कचरे के ढेर में प्लास्टिक, सड़ी-गली खाद्य सामग्री और अन्य अपशिष्ट शामिल हैं। भूख मिटाने के लिए आसपास घूम रहे गोवंश इस कचरे को खाने को मजबूर हैं। प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थों के सेवन से उनके बीमार होने की आशंका बढ़ गई है। पशुप्रेमियों और ग्रामीणों ने इस स्थिति को गंभीर लापरवाही बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नदी किनारे फैली गंदगी से पार्वती नदी का जल भी दूषित हो रहा है। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस पवित्र नदी के प्रदूषण पर स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया गया, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण राहगीरों और पास स्थित महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर गंदगी से वातावरण दूषित हो गया है, जिससे धार्मिक स्थल की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि मेले के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने नदी क्षेत्र को तत्काल साफ कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पार्वती नदी में डाला मेले का कचरा:प्रदूषण से गोवंश और श्रद्धालु परेशान, लोगों ने जताई चिंता; वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की मांग
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