Jaipur Nagar Nigam Budget 2760 Cr

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नगर निगम ग्रेटर और हेरिटेज को मर्ज करते हुए जयपुर नगर निगम बनाया गया है। नगर निगम के इस बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने और प्रशासक की नियुक्ति होने के बाद निगम प्रशासन ने अब आगामी वित्तवर्ष का पहला बजट तैयार किया है।

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वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निगम अधिकारियों ने 2760.85 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। यह मौजूदा वित्तवर्ष के बजट से करीब 14 फीसदी ज्यादा है। मौजूदा वर्ष में नगर निगम का 2423.49 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान है।

प्रस्तावित बजट की कुल राशि का 25 फीसदी से ज्यादा निगम कर्मचारियों और अधिकारियों की सैलेरी पर खर्च होगा। इसके लिए करीब 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं शहर में नई सड़कें बनाने के लिए 130 करोड़, नई सीवर लाइन बिछाने और मौजूदा लाइनों की मरम्मत के लिए 145 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं।

नगर निगम सूत्रों के मुताबिक बजट प्रस्ताव तैयार हो गया है। इसे जल्द मंजूरी के लिए सरकार को भिजवाया जाएगा।

सफाई व्यवस्था पर 728 करोड़ रुपए का प्रावधान नगर निगम जयपुर का सबसे प्रमुख काम शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखना होता है। इस काम के लिए नगर निगम प्रशासन ने अगले साल करीब 728 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया है। हालांकि इसमें नगर निगम के स्थायी सफाई कर्मचारियों की सैलेरी भी शामिल है।

नगर निगम के इस बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो गया है। ऐसे में निगम प्रशासन ने सरकार को बजट मंजूरी के लिए भेजा है। (फाइल फोटो)

नगर निगम के इस बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो गया है। ऐसे में निगम प्रशासन ने सरकार को बजट मंजूरी के लिए भेजा है। (फाइल फोटो)

इन मदों में इतना खर्च करेंगे बजट

  • नई गाड़ियां (फायर फाइटिंग, कार, सफाई में उपयोग होने वाले वाहन), फर्नीचर, कम्प्यूटर, ऑफिस में उपयोग होने वाली मशीनें, सफाई उपकरण समेत अन्य की खरीद के लिए 21.51 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
  • नगर निगम की बिल्डिंगों के रखरखाव के साथ कमिश्नर के ऑफिस और मकान के मेंटिनेंस के लिए 13 करोड़ रुपए।
  • हिंगोनिया गोशाला के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए।
  • हेरिटेज बिल्डिंग और अन्य स्ट्रक्चर के संरक्षण के लिए 1 करोड़ रुपए।
  • नए पेड़-पौधे लगाने के लिए 5 करोड़ रुपए।
  • उद्यान (पार्कों) में सिविल वर्क करवाने और उनके रखरखाव के लिए 80 करोड़ रुपए।
  • नए पब्लिक टॉयलेट बनवाने और मौजूदा टॉयलेट्स का रखरखाव करने के लिए 20 करोड़ रुपए।
  • नगर निगम में ई-गर्वनेंस सिस्टम के विकास और रखरखाव के लिए 12 करोड़ रुपए।
  • जनगणना का काम करवाने के लिए 5 करोड़ रुपए।
  • सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण और मौजूदा प्लांट के मेंटिनेंस के लिए 8 करोड़ रुपए।
  • श्मशान और कब्रिस्तान के विकास के लिए 15 करोड़ रुपए।

सरकार से टैक्स के मिलेंगे 800 करोड़ रुपए अगले वित्त वर्ष में नगर निगम को सबसे ज्यादा रेवेन्यू राज्य सरकार से चूंगीकर के पेटे मिलेगा। ये राशि लगभग 800 करोड़ रुपए होगी। वहीं यूडीटैक्स से 185 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिलने का लक्ष्य है। इनके अलावा 266.93 करोड़ रुपए हुडको से लोन लेकर जुटाने का प्रावधान बजट में रखा है।

निगम की ऐसे भी होगी आय

  • हाउसिंग बोर्ड, जेडीए की नीलामी का हिस्सा राशि और निगम खुद के जरिए सरकारी जमीन की नीलामी करने से 190 करोड़ रुपए।
  • शहर में साइनेज और विज्ञापन होर्डिंग साइट्स की नीलामी से 95 करोड़ रुपए।
  • 50 करोड़ रुपए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की एवज में किए जाने वाले यूजर चार्ज से।
  • रोड कट अप्रूवल देने से 25 करोड़ रुपए।
  • मैरिज गार्डन रजिस्ट्रेशन से 13 करोड़ रुपए।
  • शहर में जगह-जगह बनी पार्किंग की नीलामी से 12 करोड़ रुपए।
  • मकानों की बकाया लीज राशि वसूलने से 10 करोड़ रुपए।
  • सीवर कनेक्शन से 7.20 करोड़ रुपए।
  • मोबाइल टावर लगाने की अप्रूवल देने पर 4 करोड़ रुपए।
  • बकाया हाउस टैक्स वसूली से 2 करोड़ रुपए।
  • जेडीए की तरफ से ट्रांसफर की जाने वाली कॉलोनियों के पेटे 5 करोड़ रुपए।
  • अमृत योजना 2.0 के तहत केंद्र-राज्य सरकार के अंशदान से 206 करोड़ रुपए।
  • यूडीएफ सैकंड के तहत विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार से 100 करोड़ रुपए।
  • गोशाला के लिए सरकार से मिलने वाले अनुदान से 25 करोड़ रुपए।
  • राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत विकास कार्यों के लिए 120 करोड़ रुपए।
  • 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत 200 करोड़ रुपए
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