एयर डिफेंस वॉरियर्स ने आसमान में उड़ाए दुश्मन के मंसूबे:नाग मिसाइल के अचूक निशाने से सबको चौंकाया, सेना बोली- 'गोला-बारूद की ताकत से तैयार, युद्ध के लिए बेकरार'

Actionpunjab
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राजस्थान के तपते रेगिस्तान और रेतीले धोरों में भारतीय सेना ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसे देखकर दुश्मन के दांत खट्टे हो जाएं। भारतीय सेना की ‘कोणार्क कॉर्प्स’ के जांबाज योद्धाओं ने ‘ब्लेजिंग स्काइज ब्रिगेड’ के साथ मिलकर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया। इस अभ्यास का सबसे बड़ा आकर्षण रहा भारत में बना मिसाइल टैंक ‘नामिका’ (NAMICA), जिसने अपनी अचूक मारक क्षमता से यह साबित कर दिया कि भारतीय सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। क्या है ‘नामिका’ और क्यों है यह खास? ‘नामिका’ का पूरा नाम ‘नाग मिसाइल कैरियर’ है। यह एक ऐसा बख्तरबंद वाहन (टैंक जैसा) है, जिसके ऊपर मिसाइल लॉन्च करने का सिस्टम लगा होता है। इसे भारत की रक्षा एजेंसी DRDO ने तैयार किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें लगी ‘नाग’ मिसाइलें हैं। आम भाषा में समझें तो यह एक ऐसा शिकारी है जो जमीन पर रेंगते हुए दुश्मन के बड़े से बड़े टैंक को ढूंढ निकालता है और उसे हवा में ही ढेर कर देता है। इसकी खास बात यह है कि यह जमीन के साथ-साथ उफनती नदियों या पानी में भी चलकर हमला कर सकता है। ‘दागो और भूल जाओ’ तकनीक इस अभ्यास के दौरान सैनिकों ने ‘नाग’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की सबसे डरावनी खूबी इसकी ‘फायर एंड फॉरगेट’ (दागो और भूल जाओ) तकनीक है। एक बार जब सैनिक ने दुश्मन के टैंक को स्क्रीन पर लॉक करके मिसाइल छोड़ दी, तो फिर उसे गाइड करने की जरूरत नहीं पड़ती। मिसाइल खुद ही टारगेट का पीछा करती है और उसे नष्ट करके ही दम लेती है। यह मिसाइल सीधे टकराने के बजाय टैंक के ऊपर जाकर हमला करती है, क्योंकि किसी भी टैंक का ऊपरी हिस्सा सबसे कमजोर होता है। रेगिस्तान की धूल भरी आंधी हो या घने अंधेरी रात, नामिका के हाई-टेक कैमरे और सेंसर दुश्मन की गर्मी को पहचान लेते हैं और निशाना चूकने नहीं देते। रेगिस्तान में ‘हर चुनौती के लिए तैयार’ सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का नारा था— “फॉरज्ड फॉर फायरपावर, रेडी फॉर बैटल” (गोला-बारूद की ताकत से तैयार, युद्ध के लिए बेकरार)। अभ्यास के दौरान यह देखा गया कि हमारे सैनिक और उनके हथियार कठिन परिस्थितियों में कितनी तालमेल के साथ काम करते हैं। रेगिस्तान की भीषण गर्मी और उड़ती रेत के बीच ‘डेजर्ट वॉरियर्स’ ने जिस सटीकता से लक्ष्यों को भेदा, उसने सेना के आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया है। यह प्रदर्शन ‘आत्मनिर्भर भारत’ की जीती-जागती तस्वीर है, जहाँ अब हम युद्ध जीतने के लिए विदेशी हथियारों के बजाय अपने देश में बने टैंकों और मिसाइलों पर भरोसा कर रहे हैं। नामिका की 3 बड़ी ताकत रफ्तार और मार: यह उबड़-खाबड़ रास्तों पर तेजी से दौड़ सकता है और 4 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को खत्म कर सकता है। एक साथ कई हमले: इसके लॉन्चर में 8 मिसाइलें हमेशा तैयार रहती हैं, जिन्हें एक के बाद एक दागा जा सकता है। अभेद्य कवच: इसका अपना शरीर इतना मजबूत है कि दुश्मन की गोलियों का इस पर असर नहीं होता, जिससे इसके अंदर बैठे सैनिक सुरक्षित रहते हैं। इस सफल अभ्यास के बाद सेना ने संदेश दिया है कि भारतीय आसमान और जमीन की तरफ आंख उठाने वाले को अब बचने का मौका नहीं मिलेगा।

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