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वर्ष 2026 वैश्विक संस्कृति और पर्यटन के लिए बेहद खास होने वाला है। अमेरिका के लॉस एंजिलिस से लेकर मध्य एशिया तक दुनिया के चार सबसे प्रतीक्षित म्यूजियम खुलने जा रहे हैं। ये प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र न केवल शहरों की स्काईलाइन बदलेंगे, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इनमें हॉलीवुड निर्देशक जॉर्ज लुकास का लगभग 9 हजार करोड़ रु. का नैरेटिव आर्ट म्यूजियम और मशहूर आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया अबू धाबी का गुगेनहाइम प्रमुख है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम में भी कला केंद्र तैयार हो रहे हैं। 1- अमेरिका- यूएफओ जैसा म्यूजियम लॉस एंजिलिस (अमेरिका) के एक्स पोजिशन पार्क में बन रहा यह म्यूजियम सितंबर तक खुलेगा। 11 एकड़ में फैले परिसर की लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसका आकार उड़न तश्तरी (यूएफओ-स्पेसशिप) जैसा है। इसमें हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स’ के असली प्रॉप्स सहित 40 हजार कलाकृतियां होंगी। 2 – अबू धाबी – धातु की चादरों से बना है
यह गुगेनहाइम अबू धाबी म्यूजियम यूएई के सादियात द्वीप पर बन रहा है। यहां कांच के पुलों पर गैलरियां बनाई गई हैं। इसकी लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसे आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी ने धातु की चादरों और पाल जैसा डिजाइन किया। यहां जैक्सन पोलक जैसे कलाकारों की कलाकृतियां दिखाई जाएंगी।
3 – शिकागो में ओबामा का वाइट हाउस अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट शिकागो के साउथ साइड में बन रहा है, जो जून 2026 में खुलेगा। 6350 करोड़ रु. की लागत है। इसकी बड़ी खासियत वाइट हाउस के ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का मुख्य दफ्तर) की हूबहू प्रतिकृति होगी। ये 8 मंजिला इमारत ग्रेनाइट पत्थर से बनी है। 4 – बेल्जियम – कार फैक्ट्री म्यूजियम बनी बेल्जियम के ब्रसल्स में बन रहा यह कनाल-पॉम्पिडू म्यूजियम नवंबर तक खुलेगा। इसे 40 हजार वर्ग मीटर में फैली 1930 के दशक की कार फैक्ट्री को आधुनिक रूप देकर बनाया गया है। यहां पाब्लो पिकासो और हेनरी माटिस जैसे महान चित्रकारों की 350 से ज्यादा कलाकृतियां रखी जाएंगी। यह पुराने औद्योगिक भवनों को नया रूप देगा।
ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम
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