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नई दिल्ली34 मिनट पहले
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दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 20 फरवरी को AI समिट 2026 में शर्टलेस प्रदर्शन किया था।
भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) कार्यकर्ताओं के “शर्टलेस” (कमीज उतारकर) विरोध प्रदर्शन की देश के 277 प्रमुख लोगों ने निंदा की है। इनमें पूर्व हाई कोर्ट जज, सेवानिवृत्त अफसर, पूर्व राजदूत, सेना और पुलिस के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इन लोगों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह प्रदर्शन राष्ट्रीय गरिमा के खिलाफ, सोची-समझी हरकत और बिना सोच-विचार की राजनीति का उदाहरण है। बयान पर 26 पूर्व जज (जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस बी सी पटेल शामिल हैं), 102 रिटायर्ड अफसर जिनमें 11 पूर्व राजदूत,149 पूर्व सैन्य व पुलिस अधिकारियों ने दस्तखत किए हैं।
प्रदर्शन का मकसद दुनिया के निवेशकों और साझेदार देशों को यह दिखाना था कि भारत में अस्थिरता है। उन्होंने ऐसी राजनीतिक संस्कृति को मिलकर अस्वीकार करने की अपील की, जो देश को बदनाम करने में गर्व महसूस करती है।
AI समिट में प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए थे।

इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे।
प्रदर्शन देश की छवि खराब करने वाला
बयान में कहा गया कि जब दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी नेता, उद्योगपति और विदेशी प्रतिनिधि भारत के भविष्य की भूमिका देखने के लिए जमा हुए थे, तब इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि खराब करने वाला था।
दस्तखत करने वालों ने कहा कि इंटरनेशनल और हाईलेवल कार्यक्रम में इस तरह का विरोध करना दिखाता है कि कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा से ज्यादा अपनी राजनीति को महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं था, बल्कि पहले से सोची-समझी योजना थी।
बयान में यह भी कहा गया कि इस तरह का प्रदर्शन देश के वैज्ञानिकों की मेहनत, इंजीनियरों की उम्मीदों और 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है।
दुनिया के सामने गलत मैसेज गया
बयान में कहा गया कि क्यूआर कोड के जरिए कार्यक्रम स्थल में प्रवेश कर कपड़े उतारकर नारेबाजी करना सुरक्षा और शिष्टाचार दोनों का उल्लंघन है। इसे राष्ट्रविरोधी बताया गया, जिससे दुनिया के सामने गलत मैसेज गया।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध करना अधिकार है, लेकिन देश को बदनाम करना सही नहीं है। असली राजनीतिक विरोध संसद और तर्क के जरिए होना चाहिए, न कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह के प्रदर्शन से।
बयान में यह भी कहा गया कि इस घटना से भारत के विरोधियों को देश की छवि खराब करने का मौका मिला है।
PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था
2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया।
PM नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया।

समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल
इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित थी। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
करीब 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
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दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को पटियाला कोर्ट में पेश किया।
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