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इटावा में चकरनगर क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल से 23 फरवरी 2025 को रेस्क्यू कर इटावा सफारी पार्क लाई गई मादा लेपर्ड शावक की 1 मार्च को मौत हो गई। पैर में लगडाहट की शिकायत के बाद उसका इलाज चल रहा था। लेकिन इलाज के दौरान अपरान्ह 3 बजकर 56 मिनट पर उसने दम तोड़ दिया। 23 फरवरी 2025 को चकरनगर क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल परिसर में मादा लेपर्ड शावक मिलने से हड़कंप मच गया था। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शावक को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे इटावा सफारी पार्क लाया गया। इलाज के लिए अस्पताल में किया गया शिफ्ट रेस्क्यू के बाद मादा शावक को इटावा सफारी पार्क के लेपर्ड सफारी एनिमल हाउस में रखा गया था, जहां उसकी देखभाल की जा रही थी। 12 फरवरी 2026 से उसके एक पैर में लगडाहट दिखाई देने लगी थी, जिसके बाद वन्यजीव चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया। लगातार इलाज के बावजूद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो तीन दिन पहले उसे एनिमल हाउस से वन्यजीव चिकित्सालय में स्थानांतरित कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की टीम उसकी नियमित जांच और उपचार कर रही थी। पोस्टमार्टम से सामने आएगा मौत का कारण 1 मार्च की सुबह से लेपर्ड कुछ सुस्त नजर आ रही थी। डॉक्टर उसकी निगरानी में इलाज कर रहे थे, लेकिन अपरान्ह 3 बजकर 56 मिनट पर उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पार्क प्रशासन ने नियमानुसार शव विच्छेदन की प्रक्रिया शुरू करा दी है। इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इटावा सफारी पार्क में रेस्क्यू मादा लेपर्ड शावक की मौत:पैर में लगडाहट के बाद चल रहा था इलाज, स्कूल से लाया गया था
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