चंडीगढ़ में ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:निवेश का झांसा देकर 27 लाख लिए थे, जयपुर से 3 पहले किए गिरफ्तार,लुक आउट सर्कुलर जारी

Actionpunjab
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चंडीगढ़ साइबर सेल पुलिस ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपियों को साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर दविंदर की अगुआई में गिरफतार किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य जैन (26) निवासी जयपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पहले से ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। आरोपी को 7 मार्च 2026 को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया और अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। निवेश के नाम पर ठगे पैसे यह मामला 17 फरवरी 2024 को दर्ज एफआईआर के तहत सामने आया था। शिकायतकर्ता सचिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया था कि उन्हें फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़े विज्ञापन दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कुछ लोगों ने उन्हें एक मोबाइल ऐप के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने उन्हें रोजाना ट्रेडिंग टिप्स, ऑनलाइन सेशन और “स्पिन एंड विन” जैसे ऑफर दिखाकर भरोसा दिलाया। साथ ही एक ऐप के जरिए डिमैट अकाउंट खुलवाने के लिए कहा। ऐप में फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाया गया, जबकि असल में कोई ट्रेडिंग नहीं हो रही थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जांच में सामने आया कि जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए, वे फर्जी तरीके से खोले गए थे और एक संगठित साइबर ठगी गिरोह के जरिए चलाए जा रहे थे। जयपुर से 3 आरोपी गिरफ्तार इससे पहले पुलिस ने जयपुर में छापेमारी कर तीन आरोपियों मंजीत बुरी, आशीष सक्सेना और हिमांशु गौतम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे मुख्य आरोपी आदित्य जैन के निर्देश पर काम कर रहे थे और वही ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आदित्य जैन गिरफ्तारी से बचने के लिए दुबई भाग गया था। बाद में उसे एक अन्य मामले में राजस्थान पुलिस ने इंटरपोल की मदद से गिरफ्तार किया। इसके बाद प्रोडक्शन वारंट लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने उसे इस मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों से बरामद मोबाइल नंबर देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 350 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतों और 13 एफआईआर से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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