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अलवर के विजय नगर ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का आज दूसरा दिन है। कथा में दोपहर 2 बजे से ही कीर्तन की शुरुआत हो गई, जिसमें अलग-अलग गायक भजनों की प्रस्तुति दे रहे हैं। जिसके बाद 4 बजे से कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय कथा का वाचन कर रहे है। मंगलवार को कथा के दौरान इंद्रेश उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि सात दिवसीय कथा के दौरान क्रोध नहीं करना चाहिए और मौन रहकर कथा सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौन में कथा सुनने का आनंद अलग ही होता है। दिन में चार बार भोजन करें, लेकिन कथा अवश्य सुनें। उन्होंने साक्षी गोपाल का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे गंगा, बद्रीनाथ जैसे तीर्थों पर जाते हैं, वैसे ही साक्षी गोपाल के दर्शन भी जरूरी हैं। मृत्यु के बाद जब यमराज के सामने जाते हैं, तो वहां साक्षी की जरूरत होती है और साक्षी गोपाल ही हमारे लिए साक्षी बनते हैं। उन्होंने साक्षी गोपाल को पासपोर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे विदेश यात्रा में पासपोर्ट पर मोहर लगती है, वैसे ही साक्षी गोपाल हमारे कर्मों के साक्षी होते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साक्षी गोपाल केवल भजन करने वालों के साक्षी बनते हैं, केवल घूमने के उद्देश्य से जाने वालों के नहीं। गुरुवार दोपहर को कन्हैया मित्तल बाबा श्याम के भजन प्रस्तुत करेंगे, जिसमें कई साधु-संत भी शामिल होंगे। आयोजन स्थल विजय नगर ग्राउंड में बड़ा पंडाल सजाया गया है, जहां बाबा श्याम का भव्य दरबार बनाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए वीआईपी बॉक्स की भी व्यवस्था की गई है।
श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन,दो बजे से हो रहे कीर्तन:इंद्रेश उपाध्याय बोले-मोन रहकर कथा सुने,चार टाइम खाना खाए
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