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फतेहाबाद जिले के जाखल में लंबे समय से अधूरा पड़ा रेलवे अंडरपास अब केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संज्ञान में आ गया है। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने रविवार को अपने कार्यालय में इसकी पुष्टि की। 2017 में हुआ था शिलान्यास, अब भी अधूरा यह अंडरपास वर्ष 2017 में टोहाना के तत्कालीन विधायक सुभाष बराला द्वारा शिलान्यास के बाद शुरू हुआ था। करीब नौ साल बीत जाने के बावजूद इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। रेल मंत्रालय को भेजी गई थी शिकायत निर्माण में देरी और अनियमितताओं को लेकर डॉ. राजेश शर्मा ने फरवरी माह में रेल मंत्रालय को शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस परियोजना पर 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन काम अधूरा है। उद्घाटन से पहले ही पेच वर्क डॉ. शर्मा ने बताया कि अंडरपास का उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ, फिर भी इसका पेच वर्क करवाया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के धन की बर्बादी बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। पीएमओ और सीवीसी में दर्ज हुई जांच शिकायत के बाद अब यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग में दर्ज हो चुका है। डॉ. शर्मा ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय स्तर पर जांच से इस परियोजना में हुई अनियमितताओं का खुलासा होगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जाखल रेलवे अंडरपास निर्माण की CVC करेगा जांच:9 साल से अधूरा पड़ा है काम; ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने की थी शिकायत
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