अम्बेडकरनगर में सहकारी समितियां देंगी 300 नई सेवाएं:खाद-बीज के साथ खतौनी, जनसेवा केंद्र और डेयरी की सुविधा

Actionpunjab
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अम्बेडकरनगर की साधन सहकारी समितियां (बी-पैक्स) अब केवल खाद-बीज और धान-गेहूं खरीद तक सीमित नहीं रहेंगी। ये समितियां किसानों और आमजन को खतौनी की नकल, जन औषधि केंद्र, जनसेवा केंद्र, दुग्ध डेयरी और मत्स्य पालन सहित लगभग 300 नई सेवाएं प्रदान करेंगी। यह बदलाव ‘सहकार से समृद्धि’ योजना के तहत किया जा रहा है।विभागीय लक्ष्य के अनुसार जिले की सभी 93 बहुउद्देशीय ग्रामीण प्राथमिक सहकारी समितियों (बी-पैक्स) को पूर्ण समिति के रूप में संचालित किया जाएगा। इनमें से 61 समितियों पर यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है। प्रत्येक समिति में अनिवार्य रूप से 30 सदस्य शामिल होंगे, जिनकी निगरानी सहकारिता विभाग के सचिवों द्वारा की जाएगी। समितियों के गठन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम समितियों के गठन और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।शासन के निर्देश पर ‘सहकार से समृद्धि’ योजना के तहत जिले की पांच बंद पड़ी सहकारी समितियों को भी फिर से संचालित किया जाएगा। इनमें भीटी ब्लॉक की तीन और रामनगर ब्लॉक की दो समितियां शामिल हैं। वर्तमान में बी-पैक्स में जन सुविधाएं पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा।इन समितियों के गठन के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस प्रक्रिया की जिम्मेदारी सहायक निबंधक सहकारिता, उप महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक, सहायक निदेशक मत्स्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला दुग्ध संघ अधिकारी, जिला मत्स्य संघ के प्रतिनिधि और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक सहित कई अधिकारियों को सौंपी गई है।स्थानीय स्तर पर, समिति के सदस्य किसानों के लिए सरकारी बैंकों की तर्ज पर बचत खाते खोल सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा भी अब पांच लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है। इनमें बिल भुगतान प्रणाली, ई-रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान, ई-स्टोर, गैस बुकिंग, स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, बीमा नवीनीकरण, पैन कार्ड आवेदन, पासपोर्ट आवेदन और विभिन्न प्रकार के ऋण शामिल हैं।सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राघवेंद्र प्रताप शुक्ल ने बताया, “सहकार से समृद्धि योजना के तहत 93 बी-पैक्स का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

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